Lucknow City

SIR में बीएलओ की मौत… अफसरों पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार से मिले शिक्षा मित्र संघ के नेता व अजय रॉय

प्राथमिक विद्यालय सरांवा में तैनात 50 वर्षीय शिक्षामित्र विजय वर्मा को बनाया गया था बीएलओ, पत्नी ने कहा अफसर अव्यवहारिक लक्ष्य देकर बना रहे थे मानसिक दबाव, ब्रेन हैमरेज से गई उनकी जान, आश्रित को नौकरी व मुआवजा देने की मांग रखी

प्रमोद कुमार

मलिहाबाद (लखनऊ), 25 नवंबर 2025:

राजधानी लखनऊ में मलिहाबाद थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सरांवा में तैनात 50 वर्षीय शिक्षामित्र और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) विजय कुमार वर्मा की ब्रेन हेमरेज से मौत का मामला गरमा रहा है। परिवार और शिक्षा मित्र संघ ने अफसरों पर मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मुआवजा व आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय रॉय ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर यही मांगें दोहराईं हैं।

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BLO Death in SIR: Serious Allegations Raised by Family

शुक्रवार को निजी अस्पताल में तोड़ा था दम

बता दें कि विजय वर्मा की शुक्रवार रात को निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के अत्यधिक मानसिक दबाव ने उनकी जान ली। पीड़ित परिवार ने मुआवजे के साथ-साथ बेटे को सरकारी नौकरी की मांग की है, जबकि शिक्षामित्र संघ ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।

पत्नी ने इलाज में आर्थिक मदद के लिए आयोग व सरकार को लिखा था पत्र

विजय कुमार वर्मा सरांवा गांव के निवासी थे और पिछले कई वर्षों से प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत थे। हाल ही में चल रहे एसआईआर अभियान के तहत उन्हें बीएलओ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परिजनों के अनुसार, विजय पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का लक्ष्य पूरा करने का भारी दबाव था। उनकी पत्नी संगीता रावत ने बताया विजय पर अधिकारियों का लगातार फोन आना और अव्यवहारिक लक्ष्य थोपना शुरू हो गया था। वह रात-दिन तनाव में रहते थे। 15 नवंबर को अचानक उनको दर्द शुरू हुआ और वह बेहोश हो गए। उन्हें लखनऊ के चरक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां के डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज की पुष्टि की।
परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नही थी। जिसके चलते पत्नी संगीता ने चुनाव आयोग व राज्य सरकार से आर्थिक मदद के लिए पत्र लिखा मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। पत्नी ने वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर सहायता मिली होती, तो शायद उसके पति की जान बचाई जा सकती थी। विजय के दो बेटों में से एक अभी पढ़ाई कर रहा है, जबकि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर बताई जा रही है। संगीता ने रोते हुए कहा,”हमारे पास कोई सहारा नहीं बचा।

शिक्षामित्र संघ ने दी आर्थिक मदद और बेटे को सरकारी नौकरी दिये जाने की मांग रखी

विजय वर्मा की मौत की सूचना पर क्षेत्र के तमाम शिक्षामित्र उनके घर पहुंचे और मृतक को श्रृद्धांजलि देने के साथ ही तत्काल बैठक की। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की मलिहाबाद ईकाई के ब्लाक अध्यक्ष वचनेश कुमार, महामंत्री विजय कुमार गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद सिंह आदि ने बताया कि बिना संसाधन उपलब्ध कराये ही जिम्मेदारों द्वारा बीएलओ का काम कराया जा रहा है। साथ ही बार बार फोनकर पूछताछ भी की जा रही है। ऐसे मे ज्यादातर बीएलओ भारी मानसिक दबाव मे है। विजय को बाकायदा ब्रैन हैमरेज और पैरालाईसिस अटैक पडा है। संघ के ब्लाक अध्यक्ष वचनेश कुमार व महामंत्री विजय कुमार गुप्ता ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पीडित परिवार को तत्काल आर्थिक मदद दिलाये जाने एवं बेटे को सरकारी नौकरी दिये जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही यह मांग पूरी नही की गयी तो हमलोग आन्दोलन करने के लिये मजबूर होगें। डीएम को स्पीड पोस्ट से ज्ञापन भेजा गया है।

पीड़ित परिवार से मिले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष

मृतक बीएलो विजय कुमार वर्मा के परिवार से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ने मुलाकात की और अपनी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतक की पत्नी संगीता से बात करते हुए कहा कि हम आपके साथ है। जहाँ पर जिस अस्तर की मदद की अव्यवस्था होगी। हम लोग करेंगे। साथ ही सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता व बेटे को सरकारी नौकरी दे।

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