लखनऊ, 29 नवंबर 2025:
यूपी में वोटरलिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर राजनीतिक तनातनी के बीच पोस्टरवार भी शुरू हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के SIR फॉर्म भरने के एक दिन बाद ही पार्टी के नेता मोहम्मद इखलाक ने लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगवा कर सरकार को घेरा है।
इस होर्डिंग में SIR को केंद्र की नीतियों में नोटबंदी, कृषि कानून और कोविड लॉकडाउन से जोड़ते हुए आरोप लगाया गया है कि भाजपा सरकार के हर बड़े फैसले की कीमत जनता ने जान देकर चुकाई। पोस्टर में चार बिंदुओं के जरिए उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है जिनमें कथित तौर पर आम लोगों की मौत हुई।
होर्डिंग में लिखा गया है कि बीजेपी सरकार के हर बड़े फैसले की कीमत जनता ने अपनी जान देकर चुकाई।
-नोट बंदी-अव्यवस्था की मार… कई मासूम जानें बैंकों की लाइनों में खत्म हो गईं।
-काला किसान कानून-अन्नदाताओं को दर्द… आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की शहादत, लेकिन सरकार का दिल नहीं पसीजा
-कोविड के दौरान शून्य तैयारियों के बीच अचानक लॉकडाउन… हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन? लॉकडाउन से उपजे पलायन के दौरान फैली भूख बेबसी और निराशा से कई लोगों ने अपनी जान गंवाई।
-SIR चुनाव डयूटी-कर्मचारियों की मजबूरी काम के दबाव में 10 से अधिक BLO कर्मियों की जान चली गई।
इखलाक का कहना है कि भाजपा सरकार ने जमीनी हकीकत को समझे बिना बड़े निर्णय लिए। इनके नतीजे आम लोगों को झेलने पड़े। उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्टर लगाकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना जारी रखा जाएगा।
उधर, चुनाव आयोग द्वारा शुरू किया गया विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 4 दिसंबर तक चलेगा। इस चरण में BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं और वोटर स्वयं फॉर्म भरकर विवरण जमा कर रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट से ऐसे नामों को हटाना है जिनकी पहचान का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच SIR की यह कवायद अपने अंतिम चरण में है। इस बीच पोस्टरवार ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।






