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योगी की पाती : युवाओं को CM की सलाह… 2026 में 5 बच्चों को कंप्यूटर व AI के बारे में करें जागरूक

मुख्यमंत्री का प्रदेशवासियों के नाम नए वर्ष के आगमन से पहले पत्र, 2025 को बताया तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेक्टर में नवाचार का वर्ष, पत्र में पेश की भविष्य की परियोजनाओं की झलक

लखनऊ, 30 दिसंबर 2025:

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए वर्ष के आगमन से पहले प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ नाम से एक पत्र लिखा है। यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने बीते वर्ष की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए आने वाले समय के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने 2025 को तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेक्टर में नवाचार का वर्ष बताया और कहा कि यूपी अब भविष्य के विकास की दिशा तय कर रहा है।

सीएम योगी ने लिखा कि प्रदेश में निवेश का सुरक्षित वातावरण तैयार किया गया क्योंकि निवेश तभी फलदायी हो सकता है जब राज्य में सुशासन हो और समाज सुरक्षित रहे। उन्होंने दावा किया कि कानून-व्यवस्था और पारदर्शी शासन व्यवस्था ने ‘ब्रांड यूपी’ की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है। इसी कारण अब निवेशक उत्तर प्रदेश को भरोसेमंद गंतव्य के रूप में देख रहे हैं।

पत्र में उन्होंने भविष्य की परियोजनाओं की झलक भी प्रस्तुत की। लखनऊ और नोएडा में ‘एआई सिटी’ बसाने की तैयारी, जेवर में ₹3,700 करोड़ की सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माणाधीन होने और डेटा सेंटर नीति के तहत पांच हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्कों के व्यावसायिक उपयोग शुरू होने जैसी पहलों का उल्लेख किया गया। सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र में ₹30,000 करोड़ के निवेश तक पहुंचना है।

इसके अलावा राज्य के 9 शहरों में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, ड्रोन, रोबोटिक्स और मोबाइल उत्पादन के क्षेत्र में उपलब्धियों का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार इन प्रयासों ने न केवल नए रोजगार के अवसर खोले हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश को प्रौद्योगिकी और नवाचार का उभरता केंद्र भी बना दिया है।

एआई शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चल रहे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ‘एआई प्रज्ञा’ के माध्यम से 10 लाख लोगों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को भविष्य के तकनीकी बाजार के अनुरूप कौशल मिल सकेगा और राज्य में रोजगार सृजन के नए रास्ते खुलेंगे।

पत्र के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से एक विशेष संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में हर युवा अपने आसपास के कम से कम 5 बच्चों को कंप्यूटर और एआई के बारे में जागरूक करे। इसके लिए हर सप्ताह कम से कम एक घंटा ‘ज्ञानदान’ को समर्पित किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से उत्तर प्रदेश न केवल विकसित भारत के सपने को साकार करेगा, बल्कि विज्ञान-प्रौद्योगिकी की वैश्विक राजधानी के रूप में भी स्थापित होगा।

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