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जन्मदिन विशेष: अभिनय…आर्मी और अवॉर्ड्स, जानिए कैसे 35 रुपये की कमाई से करोड़ों तक पहुंचे नाना पाटेकर

नाना पाटेकर के जन्मदिन पर उनके संघर्ष से भरे जीवन, दमदार अभिनय और देश सेवा के योगदान को याद किया जा रहा है। 35 रुपये महीना कमाने से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार, पद्म भूषण और सिनेमा में अमिट पहचान बनाने तक उनका सफर प्रेरणादायक रहा है

मनोरंजन डेस्क, 1 जनवरी 2026:

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विश्वनाथ पाटेकर, जिन्हें पूरी दुनिया नाना पाटेकर के नाम से जानती है, आज 1 जनवरी को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को बॉम्बे में हुआ था। नाना पाटेकर न केवल शानदार अभिनेता हैं, बल्कि फिल्म निर्माण और पटकथा लेखन में भी उनकी अलग पहचान रही है। अपने लंबे करियर में उन्होंने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और चार फिल्मफेयर पुरस्कार हासिल किए हैं। साल 2013 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्म भूषण से भी नवाजा गया था।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

मराठी परिवार में जन्मे नाना पाटेकर ने बेहद कठिन हालात में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने महज 13 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था। एक पॉडकास्ट में नाना ने बताया था कि शुरुआती दिनों में वे दिन में सिर्फ एक मील खाकर गुजारा करते थे और उनकी कमाई केवल 35 रुपये महीना थी। आज वही नाना पाटेकर करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, जो उनके संघर्ष और मेहनत की गवाही देता है।

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फिल्मों में अलग पहचान बनाने वाला अभिनय

नाना पाटेकर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म गमन से की थी, जिसमें उन्होंने निगेटिव भूमिका निभाई। हालांकि उन्हें असली पहचान साल 1986 में आई फिल्म अंकुश से मिली। इसके बाद परिंदा, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी, तिरंगा, खामोशी और भूत जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों को हैरान कर दिया। अग्नि साक्षी में दमदार सहायक भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।

डायलॉग, पुलिस रोल और यादगार किरदार

नाना पाटेकर की पहचान उनकी तेज डायलॉग डिलीवरी और गुस्सैल अंदाज से बनी। इसी वजह से उन्होंने कई फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। एक दौर ऐसा भी था जब लोग उनके डायलॉग्स की नकल किया करते थे। वेलकम में उदय शेट्टी का उनका किरदार आज भी लोगों को हंसाता है। अब तक छप्पन, शागिर्द और टैक्सी नंबर 9211 जैसी फिल्मों में उनका अभिनय खूब सराहा गया।

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सेना से सिनेमा तक का अद्भुत जुड़ाव

नाना पाटेकर ने अभिनय के साथ-साथ देश सेवा में भी योगदान दिया। साल 1990 में उन्होंने इंडियन टेरिटोरियल आर्मी में कैप्टन के रूप में ज्वाइन किया। फिल्म प्रहार-द फाइनल अटैक में मेजर का किरदार निभाने के लिए उन्होंने तीन साल तक आर्मी ट्रेनिंग ली थी। साल 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने मराठा लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट के साथ जुड़कर सेवा दी। वहीं, 2016 में आई मराठी फिल्म नटसम्राट में उनका अभिनय आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है।

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