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आधार ई-केवाईसी के बाद ही बनेंगे नए आयुष्मान कार्ड…एड मेंबर का विकल्प खत्म

एनएचए ने लागू की बीआईएस-2.0 प्रणाली, एआई तकनीक से हो रही संदिग्ध कार्डों की पहचान

लखनऊ, 1 जनवरी 2026:

अब आयुष्मान भारत योजना के तहत नया आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने बेनिफिशयरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस-2.0) लागू कर दिया है। इसके बाद बिना आधार ई-केवाईसी के आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए जाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान कार्ड में नए सदस्य जोड़ने (एड मेंबर) का विकल्प भी समाप्त कर दिया गया है। हालांकि सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 (एसईसीसी-2011) के अंतर्गत जिन पात्र परिवारों में अब तक सदस्य नहीं जुड़े हैं, वहां सीमित रूप से यह सुविधा दी जाएगी। Ayushmann Card News 

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेस (साचीज) ऐसे संदिग्ध आयुष्मान कार्डों की पहचान स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट पोर्टल (एसएएफयू बीआईएस) के माध्यम से कर रही है। एनएचए भी एआई आधारित तकनीक और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर की मदद से ऐसे कार्डों की नियमित निगरानी कर रहा है।

इस तकनीक से जैसे ही कोई कार्ड संदिग्ध पाया जाता है, उस पर इलाज की सुविधा तत्काल रोक दी जाती है। इसके बाद कार्ड की जांच ऑडिटर द्वारा कराई जाती है। जांच में सही पाए जाने पर कार्ड को संदिग्ध श्रेणी से हटा दिया जाता है। https://thehohalla.com/up-leads-in-ayushman-bharat-a-national-honor/

वर्ष 2018 से अब तक जारी किए गए आयुष्मान कार्डों में से 61,932 कार्ड संदिग्ध के रूप में चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 48,435 कार्डों का भौतिक सत्यापन जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (एफआईओ) द्वारा किया जा रहा है। सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संदिग्ध कार्डों की सूची उपलब्ध कराकर जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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