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मेरिट से निस्तारण, तकनीक से पारदर्शिता : CM योगी की राजस्व विभाग को हिदायत, मिशन मोड में पूरे हों कार्य

राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश व्यवस्था जल्द लागू करने के दिए निर्देश, अधिकारियों से कहा- रैन बसेरों में समुचित व्यवस्थाएं करें, सार्वजनिक स्थलों पर जलवाएं अलाव और जरुरतमंदों में कंबल बांटे

लखनऊ, 3 जनवरी 2026:

यूपी में राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पैमाइश, नामांतरण, वरासत और आबादी दर्ज करने जैसे सभी राजस्व मामलों का निस्तारण मेरिट के आधार पर होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम ने निर्देश दिए कि विभाग सभी लंबित मामलों में स्पष्ट जवाबदेही तय करने के साथ निर्धारित समयावधि में उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रदेश के सभी जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली लागू करने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए न केवल रोवर की खरीद, बल्कि संबंधित कार्मिकों की समुचित ट्रेनिंग और एक व्यावहारिक फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि प्रशिक्षण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है। जिससे तकनीकी दक्षता बढ़े और प्रणाली धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो सके।

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नामांतरण और वरासत के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रणाली विकसित की जाए जिससे ये प्रक्रियाएं ऑटो मोड पर हो सकें। इससे आम नागरिकों को समयबद्ध और सुगम न्याय मिलेगा तथा अनावश्यक कार्यालयी चक्कर समाप्त होंगे। उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी बनाने, नक्शा और रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाने और इसे शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उनका कहना था कि विभागीय निगरानी सरल होनी चाहिए और इसका प्रत्यक्ष लाभ आमजन को दिखना चाहिए। धारा 80 के अंतर्गत भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राजस्व परिषद स्तर पर कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने किसान रजिस्ट्री, पैमाइश और खसरा पड़ताल से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का अनिवार्य रूप से तय समय सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी महत्वपूर्ण शासकीय सेवाओं को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने की भी बात कही गई।

शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों में समुचित व्यवस्थाएं, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और कंबल वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायतों में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों और स्मारकों की सुरक्षा के लिए समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बाउंड्री वॉल निर्माण को आगे बढ़ाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने लेखपालों को पंचायत भवनों में कार्यालय बनाकर जनसमस्याओं का निस्तारण करने तथा जनपद स्तर पर एकीकृत बहुमंजिला कार्यालय निर्माण का निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यों को मिशन मोड में युद्धस्तर पर पूरा किया जाए जिससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

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