लखनऊ, 3 जनवरी 2026:
यूपी में हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है। शंख एयरलाइंस आगामी मार्च से प्रदेश के 10 शहरों को जोड़ने वाली सस्ती घरेलू हवाई सेवाएं शुरू करने जा रही है। इस नई एयरलाइन की खास बात यह है कि यह न सिर्फ कम किराये का दावा कर रही है बल्कि डायनमिक प्राइसिंग लागू न करने की घोषणा भी कर चुकी है। यानी सुबह, शाम या त्योहार पर हर समय यात्रियों को एक समान किराये पर टिकट मिलने का भरोसा दिया जा रहा है।
शंख एयरलाइंस जिन शहरों के लिए उड़ानें शुरू करेगी उनमें लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद और बागडोगरा शामिल हैं। शुरुआत में दिल्ली और मुंबई के लिए उड़ानें शुरू होंगी, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य शहरों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। लखनऊ इस एयरलाइन का प्रमुख हब होगा जहां से मार्च में पहली उड़ान के टेकऑफ की तैयारी है।

एयरलाइन प्रबंधन के अनुसार शंख एयरलाइंस शुरुआत में एयरबस A320 विमानों से परिचालन करेगी। पहले बोइंग 737 विमानों का विकल्प था लेकिन तकनीकी कारणों से एयरबस को चुना गया। फिलहाल कंपनी के पास तीन विमान पूरी तरह तैयार हैं। शुरुआती चरण में बेड़े में 10 से अधिक विमानों को शामिल करने की योजना है। इसके बाद 2027 तक विमानों की संख्या बढ़ाकर 25 करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से एयरलाइन को एनओसी मिल चुकी है। इससे संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
वर्तमान में लखनऊ एयरपोर्ट से रोजाना लगभग 140 विमानों का संचालन होता है। उनमें सबसे अधिक 80 उड़ानें इंडिगो की हैं। इसके अलावा एयर इंडिया, विस्तारा, अकासा जैसी कंपनियां भी सेवाएं दे रही हैं। अभी सबसे कम किराया इंडिगो का माना जाता है लेकिन शंख एयरलाइंस के दावों ने बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज कर दी है। यदि कंपनी अपने वादों पर खरी उतरती है तो यात्रियों को कम किराये में एक मजबूत विकल्प मिलेगा।
शंख एयरलाइंस के पीछे की कहानी है बड़ी दिलचस्प
शंख एयरलाइंस के पीछे की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है जितनी इसकी उड़ान योजना। एयरलाइन के संस्थापक श्रवण कुमार विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश के उन्नाव के कलक्टरगंज के निवासी हैं। कभी कानपुर से उन्नाव के बीच टेंपो चलाने वाले श्रवण ने अपने संघर्ष और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। एक मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े श्रवण केवल हाईस्कूल तक पढ़े हैं। कोरोना काल तक वे टेंट का व्यवसाय करते थे। इसके बाद कानपुर जाकर बस गए।
एयरलाइन की दुनिया में कदम रखने से पहले श्रवण ने माइनिंग, लोहे के कारोबार और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम किया। उन्होंने ट्रक खरीदे और देखते ही देखते 450 ट्रकों का बड़ा बेड़ा खड़ा कर लिया। रियल एस्टेट में भी उन्होंने हाथ आजमाया। चर्चा है कि उन्होंने अपनी मेहनत और जोखिम उठाने की क्षमता के दम पर अकेले ही शंख एयरलाइंस की नींव रखी है। चार साल की लगातार कोशिशों का नतीजा अब यूपी के आसमान में उड़ान भरने को तैयार है। एयरलाइंस आम यात्रियों को सस्ती हवाई यात्रा का नया सपना दिखा रही है।






