न्यूज डेस्क, 8 जनवरी 2026:
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन हो गया। वे अमेरिका में स्कीइंग (बर्फ पर लकड़ी, धातु या प्लास्टिक के लंबे तख्ते पहनकर फिसलने की एक मनोरंजक गतिविधि) के दौरान घायल हुए थे और उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और अस्पताल में ही उनका निधन हो गया। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हमें लगा था कि बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।”
अपने बेटे को याद करते हुए अनिल अग्रवाल ने इसे जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया। वे बेटे से किए वादे के अनुसार अपनी निजी कमाई का 75% हिस्सा दान करने का निर्णय लिया है। इस दुखद खबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर संवेदना जताई और परिवार को हिम्मत और ताकत की कामना की।

अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उनकी पढ़ाई अजमेर के मेयो कॉलेज से हुई। उनकी शादी पूजा बांगर से हुई थी, जो श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगर की बेटी हैं। उनकी बहन प्रिया अग्रवाल वेदांता में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन हैं।
अग्निवेश वेदांता की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में थे और 2019 तक हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने माइनिंग तकनीक को मॉडर्न बनाया, जो आज इंटरनेशनल बेंचमार्क मानी जाती है। वे फुजैराह गोल्ड रिफाइनरी (UAE) के निर्माण और संचालन में भी प्रमुख भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा वे कई कंपनियों जैसे स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्राइमेक्स हेल्थकेयर आदि में डायरेक्टर रहे।
अग्निवेश अग्रवाल की व्यक्तिगत नेटवर्थ का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि वे देश के सबसे अमीर परिवारों में से एक के वारिस थे। उनके पिता अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति 2025 के अंत तक लगभग 3.66 लाख करोड़ रुपए आंकी गई थी। अग्निवेश मुख्य रूप से हेल्थकेयर सेक्टर में एंजेल इन्वेस्टर के रूप में सक्रिय थे।






