लखनऊ, 9 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के छोटे और मझोले उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग और वॉलमार्ट इंक के बीच वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत एक समझौता हुआ है। यह एमओयू तीन साल तक लागू रहेगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
इस साझेदारी के जरिए प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स, पैकेजिंग, गुणवत्ता मानक, सर्टिफिकेशन और मार्केट तक पहुंच से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पूरा प्रशिक्षण और मेंटरशिप बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी।

डिजिटल और ई-कॉमर्स के लिए तैयार होंगे प्रदेश के उद्यमी
वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के तहत MSME उद्यमियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कारोबार करने के लिए तैयार किया जाएगा। डिजिटल ऑनबोर्डिंग से लेकर ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने तक, हर जरूरी पहलू पर क्षमता बढ़ाने का काम होगा। इससे प्रदेश के उत्पादकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
निर्यात बढ़ाने और रोजगार सृजन पर जोर
इस पहल का मकसद उत्तर प्रदेश के MSME को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़कर निर्यात को बढ़ावा देना और रोजगार के नए मौके पैदा करना है। राज्य सरकार की निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 में ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को खास तरजीह दी गई है।
ई-कॉमर्स पर पहली लिस्टिंग के लिए मिलेगा प्रोत्साहन
नई नीति के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग करने वाले निर्यातकों को 75 प्रतिशत शुल्क की भरपाई की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा तीन लाख रुपये तय की गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एंट्री की दिक्कतें काफी हद तक कम होंगी।
यूपी बन रहा निर्यात व ई-कॉमर्स का नया केंद्र
समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट और एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से निर्यात और ई-कॉमर्स का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। MSME राज्य की अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं और यह साझेदारी उनके लिए नए रास्ते और नए बाजार खोलने में मददगार साबित होगी।






