लखनऊ, 8 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश अब देश के प्रमुख आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में उभर रहा है। बेहतर सड़कों, मजबूत कानून व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल की वजह से प्रदेश में टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। साल 2017 के बाद से आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली है। thehohalla news
सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक देश के कुल आईटी निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक पहुंचाई जाए। इसके लिए आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग दोनों क्षेत्रों पर एक साथ काम किया जा रहा है।
नोएडा, लखनऊ और यमुना एक्सप्रेस-वे बने टेक्नोलॉजी के हॉटस्पॉट
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे इलाका और लखनऊ अब आईटी सेवाओं, मोबाइल फोन निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और डेटा आधारित उद्योगों के बड़े केंद्र बन चुके हैं। यहां नई असेम्बली यूनिट्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और आईटी कंपनियां तेजी से खुल रही हैं, जिससे प्रदेश की निर्यात क्षमता को मजबूती मिली है।

साल 2017 में उत्तर प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात करीब 3,862 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं आईटी सेवाओं का निर्यात भी 55,711 करोड़ रुपये से बढ़कर 82,055 करोड़ रुपये हो गया है।
युवाओं को मिल रहा रोजगार व अवसर
इस तरक्की का सबसे बड़ा फायदा प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में बड़ी संख्या में सीधे और परोक्ष रोजगार के मौके पैदा हो रहे हैं। टेक्निकल ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और स्टार्टअप कल्चर के चलते युवा अब सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नए आइडिया और कारोबार शुरू करने वाले बन रहे हैं। https://thehohalla.com/lucknow-to-get-ai-city-with-tata-partnership-in-up/
निवेश के लिए आसान माहौल
सरकार की नीतियों ने निवेश की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बना दिया है। सिंगल विंडो सिस्टम, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत लॉजिस्टिक्स और आधुनिक औद्योगिक ढांचा उत्तर प्रदेश को देश-विदेश के निवेशकों के लिए पसंदीदा ठिकाना बना रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश सिर्फ आबादी के लिहाज से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, रोजगार और निर्यात के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो चुका है।






