लखनऊ, 10 जनवरी 2026:
भाजपा नेत्री एवं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने अपर्णा यादव के साथ आए लोगों पर अभद्रता, नारेबाजी, तोड़फोड़ और चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए चौक कोतवाली में तहरीर दी है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
KGMU के चीफ प्रॉक्टर की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि शुक्रवार दोपहर कुलपति एक प्रेस वार्ता के बाद अपने कार्यालय से विभागीय कार्यों के लिए निकल रही थीं। इसी दौरान कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में अज्ञात लोग जमा हो गए। उनके बारे में जानकारी मिली कि वे अपर्णा यादव के समर्थक हैं। स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस को सूचना दी गई।

आरोप है कि कुछ देर बाद अपर्णा यादव के वहां पहुंचते ही माहौल और उग्र हो गया। समर्थकों ने कुलपति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा में नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते भीड़ ने कुलपति कक्ष के दरवाजे को तोड़ दिया। आरोप है कि उपद्रवियों ने कार्यालय के भीतर घुसकर तोड़फोड़ की और कुलपति का सरकारी फोन भी अपने साथ ले गए।
इस दौरान कुलपति कार्यालय के ऊपर परीक्षा चल रही थी जिसमें इस हंगामे के कारण गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ। चीफ प्रॉक्टर ने तहरीर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, महिला शिक्षकों के साथ अभद्रता करने, छात्रों की परीक्षा में व्यवधान और परिसर में भय का माहौल पैदा करने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक पुलिस को तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। देर शाम अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार KGMU प्रशासन की ओर से अराजकता की शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने अपर्णा यादव को तलब किया था।
अपर्णा की मुलाकात के तुरंत बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं। इन मुलाकातों के बाद यह साफ है कि मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील हो चुका है।






