पंकज
लखनऊ, (काकोरी), 11 जनवरी 2026:
काकोरी कस्बे में भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) के संचालक पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। रकम लेकर फरार हुए संचालक के खिलाफ अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एकजुट होकर पुलिस के पास पहुंचे पीड़ित
शनिवार को थाना समाधान दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में पीड़ित खाताधारक थाने पहुंचे। लोग रोते-बिलखते अपनी परेशानी बताते नजर आए। करीब दो घंटे तक पुलिस ने लोगों को समझाया और उनकी शिकायतें सुनीं। लोगों ने बताया कि बैंक शाखा के पास चल रहे ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन नरेंद्र कुमार करता था। सुविधा के चलते इलाके के सैकड़ों लोग वहीं नकद पैसा जमा करते थे।
आरोप है कि कई ग्राहकों की जमा रकम उनके खातों में नहीं डाली गई। कुछ मामलों में खातों से धोखे से पैसा निकाल भी लिया गया। जब लोगों ने सवाल उठाए तो संचालक टालमटोल करता रहा। कुछ दिन बाद केंद्र अचानक बंद हो गया और नरेंद्र कुमार फरार हो गया।

131 शिकायतों के आधार पर केस दर्ज
इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर के मुताबिक डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव के आदेश पर बैंक की अधिकृत एजेंसी जीरो मास प्राइवेट लिमिटेड के यूपी हेड ईशान की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। 131 पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।
बैंक कर्मियों पर भी मिलीभगत के आरोप
पीड़ित खाताधारकों का कहना है कि यह पूरा खेल बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी में हुआ। लोगों का आरोप है कि बिना उनकी मिलीभगत के इतनी बड़ी रकम की हेराफेरी मुमकिन नहीं थी। इसी वजह से खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन को भी जिम्मेदार ठहराया है।

पूर्व मंत्री कौशल किशोर संग डीएम से भी मिले पीड़ित
शुक्रवार शाम करीब सात बजे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर के साथ पीड़ित खाताधारकों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। वहां पूरे मामले की जानकारी दी गई। डीएम ने एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






