लखनऊ, 12 जनवरी 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ लिखते हुए सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। भावनात्मक शब्दों में लिखी गई इस चिट्ठी के जरिए मुख्यमंत्री ने लोगों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और सड़क सुरक्षा को सामूहिक दायित्व के रूप में अपनाने की अपील की है।
सीएम ने लिखा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि उन्हें अत्यंत दुःखी करती है। लापरवाही से वाहन चलाने, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण हर वर्ष हजारों लोग असमय काल का शिकार हो जाते हैं। इन दुर्घटनाओं में अकाल मृत्यु पाने वाले अधिकांश लोग स्वस्थ और अपने परिवार की रीढ़ होते हैं।उनके जाने से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है।
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
31 जनवरी तक हम प्रदेश भर में ‘सड़क सुरक्षा माह’ आयोजित कर रहे हैं। यह हमारे परिवारों और भविष्य की रक्षा का संकल्प है।
प्रदेश की सड़कें सभी के लिए सुगम-सुरक्षित हों, इसके लिए पुलिस तो नियमों को कड़ाई से लागू करेगी ही, परंतु सभी का सहयोग भी अपेक्षित… pic.twitter.com/Z26IKtdpvl
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 12, 2026
सीएम योगी ने बताया कि इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 31 जनवरी तक ‘सड़क सुरक्षा माह’ मनाया जा रहा है। उन्होंने इसे केवल एक अभियान नहीं, बल्कि परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का संकल्प बताया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के सड़क व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को शून्य स्तर पर लाने के लक्ष्य के तहत प्रदेश के 20 दुर्घटना-संवेदनशील जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही पूरे राज्य में 3 हजार से अधिक ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान चार प्रमुख बिंदुओं शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपात देखभाल के आधार पर संचालित किया जा रहा है। पुलिस द्वारा यातायात नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा, लेकिन इसके साथ-साथ आम नागरिकों के सहयोग को भी मुख्यमंत्री ने अनिवार्य बताया।
सीएम योगी ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल को जानलेवा बताया और गति सीमा का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना घातक दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण हैं। हेलमेट और सीट बेल्ट को दिखावे की वस्तु न मानकर जीवन रक्षक सुरक्षा कवच बताया।
उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें और पैदल यात्रियों के प्रति संवेदनशील रहें। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेशवासी यातायात नियमों का पालन कर उत्तर प्रदेश की सड़कों को सुगम और सुरक्षित बनाने में अपना योगदान देंगे।






