लखनऊ, 13 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के कुलपति कार्यालय में 9 जनवरी को हुए हंगामे और तोड़फोड़ का मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है। घटना के चार दिन बाद तक केस दर्ज न होने से विश्वविद्यालय के डॉक्टरों, कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों में गहरा आक्रोश बना हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर प्रस्तावित हड़ताल फिलहाल एक दिन के लिए टाल दी गई है लेकिन संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि आज एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो बुधवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
घटना के बाद से केजीएमयू के डॉक्टर, कर्मचारी, रेजिडेंट, नर्सिंग एसोसिएशन और एससी-एसटी कार्मिक एसोसिएशन पुलिस-प्रशासन के रवैये से नाराज हैं। सोमवार को हुई संयुक्त बैठक में सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से मंगलवार से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में हुई गंभीर घटना के बावजूद कार्रवाई न होना चिंताजनक है। इससे कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
इस बीच सोमवार शाम केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी से मुलाकात की। सीएम से चर्चा के बाद लौटकर उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और कार्य बहिष्कार वापस लेने की अपील की। हालांकि पदाधिकारी केस दर्ज होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे। लंबी बातचीत के बाद संगठनों ने एक दिन का समय देने पर सहमति जताई जिसके चलते हड़ताल मंगलवार के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को धर्मांतरण के प्रयास से जुड़े पूरे मामले में विश्वविद्यालय स्तर पर की गई जांच और अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विशाखा समिति की रिपोर्ट जल्द आने वाली है। केजीएमयू द्वारा उठाए गए कदमों पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया है।
सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि 9 जनवरी को कुलपति कार्यालय में हुई घटना की जांच वह स्वयं कराएंगे। उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो और फोटोग्राफ तलब किए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुलपति सहित सभी डॉक्टरों और कर्मियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने केजीएमयू जैसी प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से धैर्य रखने की अपील की है। अब सभी की निगाहें आज पर टिकी हैं जब एफआईआर दर्ज होने या न होने से केजीएमयू में आंदोलन की दिशा तय होगी।





