लखनऊ, 13 जनवरी 2026:
यूपी के मेरठ में दलित युवक की नृशंस हत्या के विरोध में सोमवार को यूपी की राजधानी लखनऊ का हजरतगंज चौराहा राजनीतिक आक्रोश का केंद्र बन गया। लोहिया वाहिनी और छात्र सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मेरठ के सरधना क्षेत्र के रहने वाले सोनू नामक युवक की हत्या को अमानवीय और शर्मनाक बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि सोनू की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और बाद में उसे जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा गया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कानून-व्यवस्था का प्रतीकात्मक पुतला फूंका जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इसी बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती बरतते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बस में भरकर इको गार्डन भेज दिया, जहां उन्हें अस्थायी रूप से रोके जाने की कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

वहीं प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार दलितों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






