Lucknow City

इनविटेशन मिला, तय था पुरस्कार… फिर अचानक कट गया नाम, विजेता अवधेश ने इस अवॉर्ड की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार के लिए चयन के बाद भी अवधेश कुमार का नाम हटाए जाने का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, जिस पर अखिलेश यादव ने नाराजगी जताते हुए प्रोत्साहन राशि दी और जांच की मांग की

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 13 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश में ‘विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार’ को लेकर सामने आया मामला अब प्रदेश की राजनीति और युवाओं में चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल मोहनलालगंज क्षेत्र के ग्राम गनेस खेड़ा निवासी राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अवधेश कुमार के साथ कथित रूप से हुए प्रशासनिक अन्याय ने विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लिखित सूचना मिली, फिर बदला फैसला

ये भी पढ़ें:

अवधेश कुमार का कहना है कि युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से उन्हें लिखित पत्र के माध्यम से यह सूचना दी गई थी कि उनका चयन विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार के लिए किया गया है। इस सूचना को उन्होंने वर्षों से किए जा रहे सामाजिक, शैक्षणिक, युवा हित और महिला सशक्तिकरण के कार्यों की औपचारिक मान्यता माना।

अचानक नाम हटाने का आरोप

आरोप है कि सत्यापन की पूरी प्रक्रिया होने के बाद भी बिना किसी स्पष्ट कारण और पूर्व सूचना के अवधेश का नाम अंतिम सूची से हटा दिया गया। जब उन्होंने विभाग से जानकारी लेने और आपत्ति दर्ज कराने का प्रयास किया तो कथित तौर पर टालमटोल किया गया। अवधेश का कहना है कि अधिक दबाव बनाने पर उन्हें परोक्ष रूप से चेतावनी भी दी गई।

अखिलेश यादव तक पहुंचा मामला

यह मामला तब और गंभीर हो गया जब इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव, विवेकानंद यूथ अवॉर्डी विशाल गुप्ता और अन्य समाजसेवियों ने इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने रखा। अखिलेश यादव ने अवधेश को बुलाकर पूरा घटनाक्रम सुना और उनके साथ हुई कथित नाइंसाफी पर नाराजगी जताई।

51 हजार की प्रोत्साहन राशि दी

अखिलेश यादव ने अवधेश कुमार को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की और भरोसा दिलाया कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भेदभाव का लगाया आरोप

इस दौरान अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया। उन्होंने कहा कि अवधेश कुमार पिछड़ी जाति से आते हैं और इसी कारण उनका नाम सम्मान सूची से हटाया गया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

युवाओं में नाराजगी, जवाब का इंतजार

सूत्रों के अनुसार पुरस्कार सूची में अंतिम समय पर किए गए बदलाव को लेकर विभाग के भीतर भी असंतोष है। कई अधिकारी और कर्मचारी इसे असामान्य मान रहे हैं, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। यह मुद्दा अब युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है। समाजसेवी नवीन मिश्रा और संदीप वर्मा ने भी इस मुहिम में सहयोग किया। अवधेश कुमार ने कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं की है जो मेहनत और पारदर्शिता पर भरोसा रखते हैं।

ये भी पढ़ें  रूस की राजधानी पर हमला, हम देंगे लम्बी दूरी के हथियार : ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को कहा..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button