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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी की छलांग… डिजिटल गवर्नेंस बना गेमचेंजर, जानिए बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू तक की कहानी

यूपी ने पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश-फ्रेंडली नीतियों के जरिए निवेश और विकास का नया मॉडल तैयार किया है, जिससे राज्य ‘बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू’ की स्थिति में पहुंच गया है

लखनऊ, 14 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश अब सिर्फ निवेश में पीछे रहने वाला राज्य नहीं रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में राज्य सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं, जटिल प्रक्रियाओं और पुराने नियमों को बदलकर निवेश और विकास का नया मॉडल पेश किया है। यह बदलाव केवल कागजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उद्योग, निवेशक और आम नागरिक तीनों को सीधे लाभ पहुंचा।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छलांग

उत्तर प्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 12वें स्थान से शुरुआत करके 2019 में दूसरा स्थान हासिल किया। 2022 और 2024 में राज्य को ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला। लॉजिस्टिक्स और भूमि प्रशासन में सुधार ने निवेश के रास्ते की पारंपरिक बाधाओं को दूर किया। इसके अलावा सरकार ने “मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारा। विभागों के चक्कर घटे, मंजूरी प्रक्रिया तेज हुई और शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी। अब लोग लंबी प्रक्रियाओं और जटिल फॉर्मलिटीज से परेशान नहीं हैं।

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डिजिटल गवर्नेंस और निवेश मित्र पोर्टल

‘निवेश मित्र’ पोर्टल ने औद्योगिक मंजूरियों को डिजिटल रूप से सरल और तेज बनाया। 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। 20 लाख से अधिक स्वीकृतियां डिजिटल रूप से हुईं और 97% से अधिक आवेदनों का समय पर निस्तारण हुआ। अब निवेश मित्र 3.0 AI और रीयल-टाइम ट्रैकिंग के साथ अगले स्तर का स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल लाएगा।

सरलीकृत नियामक अनुपालन

योगी सरकार ने 65 विभागों में 4,675 अनुपालनों को कम किया, 4,098 को डिजिटलीकृत और सरलीकृत किया। 577 अनुपालनों को अपराधमुक्त किया गया और 948 पुराने नियम/विनियम रद्द किए गए। छोटे व्यवसायों और दुकानों के लिए पंजीकरण आवश्यकताओं को भी हटाया गया।

केंद्र से मान्यता और निवेशकों का भरोसा

डी-रेगुलेशन के सुधारों को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी। उत्तर प्रदेश ने “डी-रेगुलेशन 1.0” में पहला स्थान प्राप्त किया। इस मान्यता ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और राज्य को एक स्थिर और पारदर्शी निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स हब ने उत्तर प्रदेश को उभरते औद्योगिक पावरहाउस के रूप में बदल दिया। नए निवेश ने रोजगार, निर्यात और एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा दी।

यूपी अब क्रियान्वयन और रोजगार पर केंद्रित

सरकार का ध्यान अब नीति निर्माण से आगे बढ़कर क्रियान्वयन और परिणाम पर केंद्रित है। परियोजनाओं की निगरानी और भी सख्त होगी, निवेशकों को सुविधाएं तेज़ मिलेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योगी सरकार ने साबित किया है कि उत्तर प्रदेश सचमुच ‘बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू’ राज्य बन चुका है और अब इसे वैश्विक निवेश और विकास का केंद्र बनाने का लक्ष्य है।

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