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गोरखनाथ मंदिर में उत्सव, योगी ने गुरु को अर्पित की खिचड़ी… मांगी प्रदेशवासियों की खुशहाली

मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में सीएम ने भोर में की पूजा-अर्चना, लाखों श्रद्धालुओं का मजमा लगा, गूंजते रहे ढोल नगाड़े

गोरखपुर, 15 जनवरी 2026:

गोरखपुर में मकर संक्रांति के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई। सुबह करीब 3:40 बजे वे मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे और नाथ परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की। उन्होंने सीटी बजाई और दंडवत होकर बाबा को प्रणाम किया। इसके बाद गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की गई।

नेपाल के राज परिवार से पहुंची खिचड़ी

नेपाल के राज परिवार की ओर से लाई गई खिचड़ी भी बाबा को चढ़ाई गई। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। फिर आम श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हुआ। आज नेपाल, उत्तर प्रदेश और बिहार से लाखों श्रद्धालु गोरखनाथ मंदिर पहुंचे हैं। पूरा परिसर ढोल-नगाड़ों की आवाज से गूंज रहा है।

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दर्शन को करना पड़ रहा एक घण्टे का इंतजार

सुबह 8 बजे तक दो लाख से अधिक लोग बाबा को खिचड़ी चढ़ा चुके थे। मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और करीब एक घंटे के इंतजार के बाद दर्शन हो रहे हैं। भीड़ ज्यादा होने के कारण श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से ही खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं। एक साथ सैकड़ों लोग चावल, दाल और तिल से बनी खिचड़ी चढ़ा रहे हैं, जिससे ऐसा लग रहा है जैसे मंदिर में अन्न की बारिश हो रही हो।

बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना सौभाग्य की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। सुबह की पूजा के बाद बाबा को खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से पूजा कर रहे हैं।

Celebrations at Gorakhnath Temple A Spiritual Offering

सूर्य को बताया जीवन का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना से जुड़ा बड़ा पर्व है। सूर्य को जीवन का आधार माना जाता है। इसी दिन से उत्तरायण शुरू होता है, जब दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। यह समय शुभ कामों के लिए खास माना जाता है। उन्होंने बताया कि जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तभी मकर संक्रांति मनाई जाती है। इसके बाद अगले छह महीने तक सूर्य उत्तरायण रहता है।

देश भर में हैं पर्व के अलग-अलग नाम

देशभर में मकर संक्रांति अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व देश के पूरब हिस्से में बिहू, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण में पोंगल वहीं उत्तर भारत में खिचड़ी पर्व, हर जगह अलग अलग नाम से मनाया जाता है। हर जगह यह त्योहार खुशियों और परंपराओं से जुड़ा है।

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श्रद्धालुओं का किया स्वागत

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से लेकर प्रयागराज तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। संगम में साधु-संत, कल्पवासी और आम श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। उन्होंने देश-दुनिया से आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए मंगलकामनाएं दीं।

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