लखनऊ, 17 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में प्रदेश तेजी से नवाचार, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार किए गए हैं, जो स्टार्टअप क्रांति को गति देने और युवा उद्यमियों को उच्च स्तरीय अवसर प्रदान करने में मदद कर रहे हैं। यह कदम प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इनोवेशन हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
लैब, मेंटरशिप और टेस्टिंग का उच्च स्तर
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आधुनिक अर्थव्यवस्था का इंजन हैं। ये विशेषीकृत संस्थान किसी एक तकनीक या क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण, उत्पाद विकास और उद्योग सहयोग के केंद्र के रूप में काम करते हैं। यहां युवा स्टार्टअप और उद्यमियों को उच्च स्तरीय लैब सुविधाएं, प्रोडक्ट परीक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग जगत से नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे किसी प्रतिभाशाली युवा की राह में संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनेगी।
AI, ब्लॉकचेन, मेडिटेक और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इन केंद्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, मेडिटेक, टेलिकॉम, ड्रोन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने के लिए स्वीकृति दी है। प्रशिक्षित युवा इन अत्याधुनिक क्षेत्रों में स्टार्टअप स्थापित कर सकेंगे और प्रदेश में नए रोजगार सृजन में योगदान देंगे।
को-वर्किंग स्पेस, रिसर्च और वित्तीय सहायता
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चयनित स्टार्टअप्स को उच्च स्तरीय लैब, को-वर्किंग स्पेस, रिसर्च सपोर्ट, प्रोडक्ट टेस्टिंग और विशेषज्ञ मेंटरशिप जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने वित्तीय सहायता का मजबूत ढांचा तैयार किया है। यह व्यवस्था छोटे शहरों के युवाओं को भी विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराने में मदद कर रही है।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक इनोवेशन हब बनने की ओर
उत्तर प्रदेश में स्थापित 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस न केवल स्टार्टअप्स को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति प्रदान कर रहे हैं। इससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल रही हैं। इस पहल के माध्यम से उत्तर प्रदेश को नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र और रोजगार का बड़ा गंतव्य बनने की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है।






