Uttarakhand

धामी ने जानी सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति… रिवर प्रोटेक्शन और डीसिल्टिंग कार्यों पर जोर

मानसून से पहले सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के दिए निर्देश, जंगलों में आग की रोकथाम और अतिक्रमण हटाने के लिए सरकार ने की तैयारियों की समीक्षा, खनन नीति के असर का भी जिक्र किया

देहरादून, 30 जनवरी 2026:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आयोजित बैठक में सिंचाई परियोजनाओं के तहत रिवर प्रोटेक्शन कार्य और डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए सभी कार्य समय से पूरे किए जाएं, ताकि बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके।

जल संरक्षण योजनाओं की सफलता पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा जल संरक्षण, संवर्धन और संभरण योजनाओं के तहत चेक डैम, रिचार्ज शॉफ्ट और तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। अब तक राज्य में 708 चेक डैम का निर्माण हो चुका है, जबकि ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार जिलों में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट लगाए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से लगभग 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रीचार्ज होगा, जो राज्य के जल स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा।

वन संरक्षण के उपायों पर भी हुई चर्चा

मुख्यमंत्री ने वन विभाग को वनाग्नि की रोकथाम के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वनाग्नि की घटनाओं से निपटने के लिए मानव संसाधन और उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, वन पंचायतों और वन क्षेत्र के आसपास के लोगों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में आसानी हो।

अतिक्रमण और फायर लाइन की सफाई पर खास ध्यान

मुख्यमंत्री ने फायर लाइन की समय पर सफाई और वनभूमि पर होने वाले अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वन संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया, ताकि वन सुरक्षा को और मजबूती दी जा सके।

अवैध खनन पर सख्ती, राजस्व में चार गुना वृद्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खनन के क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक और खनन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने से राज्य के खनन राजस्व में चार गुना वृद्धि हुई है। सितंबर 2024 में लागू की गई नई खनन नीति ने ई-निलामी के जरिए खनन लॉट आवंटन, खनन गतिविधियों की सेटेलाइट निगरानी जैसे कदम उठाए हैं। इन सुधारों के चलते अब राज्य को खनन से सालाना 1200 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है, जबकि पहले यह 300 करोड़ तक सीमित था।

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, जिसका सकारात्मक असर देखा जा रहा है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को खनन सुधारों में दूसरे स्थान पर रखा है और राज्य को 200 करोड़ की विशेष सहायता स्वीकृत की है। इस बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, युगल किशोर पंत और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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