लखनऊ, 2 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक उत्तर प्रदेश का कुल क्रेडिट डिपाजिट रेशियो यानी सीडी रेशियो 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य तय किया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस और प्रभावी प्रयास करने को कहा। बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 तक प्रदेश का सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत पहुंच गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है।
जिलों में लगातार बेहतर हो रही स्थिति
जिलेवार समीक्षा में बताया गया कि 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जिलों की संख्या अब केवल 5 रह गई है। मार्च 2018 में ऐसे 20 जिले थे। 40 से 50, 50 से 60 और 60 से 80 प्रतिशत श्रेणी वाले जिलों की संख्या में लगातार सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च 2026 तक सभी जिलों के सीडी रेशियो में लक्ष्य के अनुरूप सुधार सुनिश्चित किया जाए।
ओडीओसी को भी मिले बैंकिंग समर्थन
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद की सफलता के बाद अब राज्य सरकार एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत छोटे व्यापारियों, पारंपरिक पकवान से जुड़े कारीगरों और गिग वर्कर्स को नई पहचान देने जा रही है। उन्होंने बैंकों से अपील की कि ओडीओपी की तरह ओडीओसी को भी प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराए जाएं। सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग दे रही है।

ऋण प्रक्रिया हो सरल और भरोसेमंद
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि इन योजनाओं की सफलता में बैंकों की भूमिका अहम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक दस्तावेज, बार बार जांच और प्रक्रिया में देरी से लाभार्थी हतोत्साहित होते हैं। बैंकिंग प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे पात्र लोगों को आसानी से योजनाओं का लाभ मिल सके।
कमजोर जिलों में विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, वहां विशेष अभियान चलाए जाएं। बैंकों को गांवों को केंद्र में रखकर मेगा ऋण मेले आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मुख्य सचिव को हर माह जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक सुनिश्चित कराने को कहा और बैंकों से सीएसआर के माध्यम से प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया।
8 साल में मजबूत हुआ बैंकिंग तंत्र
बैठक में बताया गया कि पिछले 8 वर्षों में प्रदेश का बैंकिंग तंत्र काफी मजबूत हुआ है। मार्च 2017 में कुल जमा 8.92 लाख करोड रुपये थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 20.44 लाख करोड रुपये हो गई। इसी अवधि में ऋण वितरण 4.05 लाख करोड से बढ़कर 12.34 लाख करोड रुपये तक पहुंच गया। कुल बैंकिंग कारोबार 12.80 लाख करोड से बढ़कर 32.79 लाख करोड रुपये हो गया।
वित्तीय समावेशन में यूपी अव्वल
वित्तीय समावेशन अभियान जुलाई से अक्तूबर 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश ने देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 57,699 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित हुए। 22.24 लाख जनधन खाते खोले गए। 17.14 लाख लोगों को जीवन बीमा और 43.35 लाख को दुर्घटना बीमा से जोड़ा गया। अटल पेंशन योजना में 6.90 लाख नए पंजीकरण हुए।
बड़े ऋण और मेगा कार्यक्रम
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऊर्जा, कृषि, उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र में 22 हजार करोड रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत किए गए। विभिन्न कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर ऋण वितरण हुआ। 20 फरवरी और 16 मार्च 2026 को दो मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें 2.20 लाख करोड रुपये से अधिक ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है।
योजनाओं में यूपी की मजबूत पकड़
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में 4.66 लाख आवेदन मिले, जिनमें 2.32 लाख को स्वीकृति और 2.07 लाख को ऋण वितरण किया गया। पीएम स्वनिधि योजना में 20.72 लाख लाभार्थियों को ऋण मिला और यूपी देश में पहले स्थान पर रहा। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 50.82 लाख किसानों को एक लाख करोड रुपये से अधिक की सीमा स्वीकृत की गई।
ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य की दिशा
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 4.30 लाख से अधिक बैंकिंग आउटलेट सक्रिय हैं और जनधन खातों की संख्या 10 करोड से अधिक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक और सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।






