वाराणसी, 2 फरवरी 2026:
बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने सरकार की नीतियों पर कड़ा हमला बोला और कहा कि यदि एससी-एसटी एक्ट को वापस नहीं लिया गया, तो सात फरवरी से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रयागराज की घटना के बाद संपर्क में आए थे
अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुई घटना के बाद उनकी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से बातचीत हुई थी। उन्हें प्रयागराज बुलाया था, लेकिन बाद में वह वाराणसी आ गए, जिसके बाद यहां मुलाकात संभव हो सकी। वह वाराणसी स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विद्यामठ आश्रम पहुंचे।
यूजीसी नियम और कानूनों पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत में अलंकार ने कहा कि महाराज जी इस समय मौन व्रत पर हैं, इसलिए अधिक बातचीत नहीं हो पाई। उन्होंने लिखकर उनका हाल-चाल पूछा और आशीर्वाद दिया। शंकराचार्य से मिला आशीर्वाद उनके आंदोलन को नैतिक और आध्यात्मिक बल देगा। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और समाज को अलग-अलग खांचों में बांटकर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि दोनों का उद्देश्य समाज का कल्याण होना चाहिए। यूजीसी के नए नियमों और एससी-एसटी कानून को लेकर देशभर में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना था कि वर्ष 1989 में लागू किया गया एससी-एसटी कानून अब एक काला कानून बन चुका है, जिससे समाज का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा है।
सरकार को 6 फरवरी तक का अल्टीमेटम
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार को छह फरवरी 2026 तक इस कानून को वापस ले लेना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो सात फरवरी को राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन के तहत दिल्ली कूच की योजना है और आम लोगों से भी इसमें शामिल होने की अपील की जाएगी।
कोर वोटर सरकार से नाराज
उन्होंने दावा किया कि सरकार का कोर वोटर अब उससे दूर हो चुका है। बड़ी आबादी इस कानून से प्रभावित है और ज्यादातर मामलों में कानून का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसी वजह से देश में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।






