Lucknow CityNational

लखनऊ से दिल्ली अब सिर्फ दो घंटे… दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से बदलेगी यूपी में रेल यात्रा की तस्वीर

केंद्रीय बजट में कॉरिडोर बनाने की घोषणा, बुलेट ट्रेनों को चलाने की योजना, करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी रेलगाड़ियां

लखनऊ, 2 फरवरी 2026:

केंद्रीय बजट में दिल्ली से वाराणसी के बीच हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के साथ ही यूपी में रेल यात्राओं का स्वरूप पूरी तरह बदलने की उम्मीद की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद लखनऊ से दिल्ली की दूरी मात्र दो घंटे और लखनऊ से वाराणसी की दूरी एक घंटे में तय की जा सकेगी। वहीं, यात्री दिल्ली से वाराणसी तक का सफर केवल तीन घंटे में पूरा कर पाएंगे।

इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेनों को चलाने की योजना है। इनकी अधिकतम रफ्तार करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारी इस घोषणा को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा बल्कि प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में देश में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, चेन्नई-हैदराबाद, बेंगलुरु-हैदराबाद, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेंगे। प्रस्तावित मार्ग कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, मुरादाबाद और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ सकता है।

ये भी पढ़ें:

रेलवे अधिकारियों के अनुसार दिल्ली से वाराणसी के बीच लगभग 790 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर बनेगा जबकि वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच इसकी लंबाई करीब 720 किलोमीटर होगी। इस तरह दिल्ली से सिलीगुड़ी वाया वाराणसी कुल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 1500 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण पर कई लाख करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है।

Advertisement

इस परियोजना के पूरा होने के बाद लखनऊ के यात्रियों के लिए सुबह दिल्ली, शाम लखनऊ जैसी यात्रा संभव हो जाएगी। अभी विमान से दिल्ली पहुंचने में चेक-इन, बोर्डिंग और यात्रा मिलाकर दो से तीन घंटे लग जाते हैं जबकि बुलेट ट्रेन इस दूरी को लगभग समान समय में लेकिन अधिक सुविधा और भरोसे के साथ पूरा करेगी।

तो ऐसे निर्धारित होगा बुलेट ट्रेनों का किराया

किराये की बात करें तो रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बुलेट ट्रेनों का किराया हवाई सेवाओं की तर्ज पर तय किया जाएगा। लखनऊ से दिल्ली का औसत किराया करीब 5000 रुपये रहने की संभावना है, जिस पर फ्लेक्सी प्राइसिंग भी लागू हो सकती है। कुल मिलाकर, दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए समय, सुविधा और विकास तीनों के लिहाज से एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

ये भी पढ़ें  UP में सड़क सुरक्षा ने बदली तस्वीर : रोड पर बढ़ी समझदारी, हेलमेट से हाईवे तक असरदार बदलाव

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link