लखनऊ, 13 जून 2026:
यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी के रूप में विश्व स्तर पर पहचान बना चुके लखनऊ की समृद्ध पाक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत पर्यटन विभाग द्वारा संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम), लखनऊ में 22 जून से चार दिवसीय ‘कुलिनरी एंड लाइफ-स्किल्स’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सीमित सीटों वाले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पंजीकरण 20 जून तक किए जा सकेंगे।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘स्वावलंबी जीवन के साथ प्रगति की ओर’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर जीवन के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पाक कला के व्यावहारिक ज्ञान के साथ दैनिक जीवन में आवश्यक कई महत्वपूर्ण कौशल भी सिखाए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें स्वतंत्र जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
चार दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पौष्टिक नाश्ते से लेकर लोकप्रिय भारतीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों तक तैयार करने की तकनीकें सिखाई जाएंगी। वेजी ऑमलेट, सनी साइड अप एग्स, पीनट बटर एवं बनाना टोस्ट, फ्रूट एंड नट सलाद, अमेरिकन रैप्स और अर्राबियाटा पास्ता जैसे व्यंजनों के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्प्राउट एवं पीनट सलाद, मल्टीग्रेन प्रोटीन पैनकेक तथा स्क्रैम्बल्ड एग्स विद म्यूसली जैसे पौष्टिक विकल्प तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
भारतीय स्वाद को शामिल करते हुए बनारसी दाल फरा, बॉम्बे स्टाइल पाव भाजी और घरेलू शैली की वेजिटेबल खिचड़ी भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगी।
कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें पाक कला के साथ जीवन प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं को भी शामिल किया गया है। प्रतिभागियों को दैनिक जरूरतों के प्रबंधन, कपड़ों की देखभाल, रूममेट्स के साथ बेहतर संवाद, विवाद समाधान, टेबल सेटिंग, सामूहिक भोजन, फिटनेस और स्थान प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण मिलेगा।
इसके साथ ही बजट प्रबंधन, छोटे घरेलू मरम्मत कार्य और भोजन के अवशेषों के प्रभावी उपयोग की तकनीकों की भी जानकारी दी जाएगी। जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ की खाद्य संस्कृति और अवधी पाक परंपरा उत्तर प्रदेश की पर्यटन पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के माध्यम से युवाओं को स्थानीय खान-पान, आतिथ्य परंपराओं और जीवन कौशल से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उनका कहना है कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ प्रदेश की समृद्ध पाक विरासत को समझने, अपनाने और आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






