लखनऊ, 9 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के प्रमुख थोक बाजार यहियागंज में मंगलवार को आयोजित जीएसटी विभाग के व्यापारी संवाद कार्यक्रम में टैक्स सिस्टम से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। एक ओर विभागीय अधिकारियों ने जीएसटी प्रणाली को सरल, पारदर्शी और व्यापारी हितैषी बताते हुए विभिन्न शंकाओं का समाधान किया तो दूसरी ओर व्यापारियों ने ई-वे बिल और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) से जुड़े नए प्रावधानों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं।
कार्यक्रम में जीएसटी उपायुक्त राखी सिंह ने कहा कि जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया अब बेहद आसान हो चुकी है। कोई भी व्यापारी घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना है। इसी क्रम में विभाग द्वारा नोटिस जारी करने से पहले सेक्टर स्तर पर मामलों की स्क्रूटनी की जाती है जिससे अनावश्यक नोटिसों की संख्या कम हो सके।
एएसएमटी-10 नोटिस से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यापारी निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत कर देता है तो मामला वहीं समाप्त कर दिया जाता है। साथ ही उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे सीधे संबंधित खंड कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
हालांकि संवाद के दौरान व्यापारियों ने कई व्यावहारिक समस्याएं भी उठाईं। यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि ई-वे बिल से संबंधित हाल में लागू किए गए कुछ नए नियम भविष्य में व्यापारियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। उनका कहना था कि ई-वे बिल की वैधता अवधि पहले से निर्धारित होती है और समाप्त होने पर वह स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है। ऐसे में उसे दोबारा क्लोज करने की व्यवस्था व्यापारियों पर अतिरिक्त अनुपालन बोझ डालेगी।
अमरनाथ मिश्र ने ट्रांसपोर्ट भाड़े पर लागू आरसीएम व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान प्रणाली में व्यापारी को स्वयं जीएसटी जमा करना पड़ता है। यदि यह कर परिवहनकर्ता द्वारा जमा किया जाए और व्यापारी को सीधे आईटीसी का लाभ मिल जाए तो दोहरी लेखा-प्रक्रिया और अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिल सकती है।
कार्यक्रम में राज्य कर अधिकारी संतोष कुमार, शची मिश्रा, यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के प्रशांत गर्ग, नरेश कुमार, कुश मिश्र, दीपक अग्रवाल, विनय गुप्ता, संजीव जायसवाल, कृष्णकांत बाजपेयी, शिवम गुप्ता, सुधीर गुप्ता सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।






