देहरादून, 9 जून 2026ः
उत्तराखंड की लोक संस्कृति और सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले प्रदेश के फिल्म निर्माताओं को पहली बार उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) सम्मानित करेगा। कार्यक्रम दो दिन चलेगा।
उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 27 और 28 जून को देहरादून स्थित संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित दो दिवसीय ‘उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल’ में फिल्म निर्माताओं, वरिष्ठ कलाकारों व विभिन्न क्षेत्रों की 100 विभूतियों का सम्मान किया जाएगा।
फेस्टिवल के दौरान उत्तराखंड फिल्मों की 40 वर्षों की यात्रा को एक विशेष डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही फिल्मों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर दर्शकों के साथ खुली परिचर्चा भी होगी।
प्रदीप भण्डारी ने राज्य सरकार पर उत्तराखंड के फिल्म उद्योग की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हालांकि उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 सराहनीय पहल है, लेकिन फिल्म बोर्ड में स्थानीय फिल्मकारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। उनका कहना था कि प्रदेश में अब तक फिल्म शूटिंग स्टूडियो और पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमाघरों के विकास की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं।
उफतारा के महासचिव कान्ता प्रसाद ने कहा कि फिल्म उद्योग रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन सकता है। इसलिए सरकार को इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करना चाहिए। मुख्य कार्यक्रम संयोजक जस पंवार उर्फ जस्सी ने कहा कि संगठन ने राज्य में फिल्म विकास का खाका तैयार किया है।
उन्होंने सरकार से फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के साथ संवाद स्थापित कर उनके सुझावों को अमल में लाने की अपील की। इस अवसर पर उफतारा के उपाध्यक्ष डॉ. अमरदेव गोदियाल, प्रचार सचिव नागेन्द्र प्रसाद, कोषाध्यक्ष प्रमोद बेलवाल, कैप्टन (सेवानिवृत्त) बंशीलाल कठुलियाल आदि उपस्थित रहे।






