एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 9 जून 2026:
पीजीआई कोतवाली क्षेत्र के बाबूखेड़ा गांव में मंगलवार को एक खेत में 40 वर्षीय देशराज रावत का शव मिला। जेल से छूटने के एक हफ्ते बाद ही शव मिलने की खबर तुरंत फैल गई। परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए गांव के कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
मृतक के नाबालिग बेटे के मुताबिक सोमवार रात करीब आठ बजे पिता देशराज मोबाइल फोन लेने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह पड़ोसी राजकुमार ने सूचना दी कि गांव के पास एक खेत में देशराज का शव पड़ा है।
परिजनों का कहना है कि शव की जांघ और गर्दन पर चोट के निशान थे। नाक और कान से खून भी निकल रहा था। घटनास्थल के आसपास कुछ इंजेक्शन पड़े होने की बात भी सामने आई है। बेटे ने बताया कि कुछ समय पहले घर के सामने रहने वाले राजू से देशराज का विवाद हुआ था।
देशराज मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी सीमा घर पर परचून की दुकान चलाती हैं। पत्नी ने पुलिस को दी तहरीर में गांव के कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला अप्राकृतिक मौत का लग रहा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा।
जमीन की जालसाजी में नाम आने पर भेजा गया था जेल
परिवार के अनुसार देशराज का नाम एक जमीन विवाद से जुड़े मुकदमे में सामने आया था। सीमा ने नवंबर 2025 में पीजीआई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि सरोजनीनगर क्षेत्र में वर्ष 2023 में खरीदे गए एक प्लॉट की कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरी रजिस्ट्री करा दी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने जमीन की चौहद्दी बदलकर दूसरे व्यक्ति के नाम बिक्री कर दी, जिसके बाद वह जमीन आगे किसी और को बेच दी गई। इसी मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने देशराज का नाम भी शामिल कर उन्हें जेल भेजा था।






