
लखनऊ, 18 जुलाई 2026:
यूपी में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में पर्यटन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग के अंतर्गत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में 14 से 18 जुलाई तक प्रदेशभर के होम-स्टे संचालकों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 35 प्रतिभागियों को होम-स्टे के प्रभावी संचालन, आधुनिक पर्यटन कौशल और उत्कृष्ट आतिथ्य सेवाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए नवाचार, कौशल विकास और स्थानीय युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अधिकांश होम-स्टे संचालक युवा हैं। उटन्होंने औपचारिक शिक्षा के बाद पर्यटन विभाग के सहयोग से स्वरोजगार के रूप में इस क्षेत्र को अपनाया है। सतत प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से ये युवा सफल होम-स्टे संचालक बन रहे हैं।
पर्यटन कारोबार की बारीकियों से कराया परिचित
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कम लागत में प्रभावी मार्केटिंग, होम-स्टे की ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रचार के गुर सिखाए गए। अतिथियों के पंजीकरण, शिकायत निवारण, सेवा प्रबंधन, टैरिफ निर्धारण, मूल्य तय करने और लागत नियंत्रण की भी व्यावहारिक जानकारी दी गई।

हाउसकीपिंग, रखरखाव, आकर्षक इंटीरियर, ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर रहा। इसके अलावा बेहतर आतिथ्य सेवा, व्यक्तित्व विकास, ग्रूमिंग, स्थानीय व्यंजनों और जैविक उत्पादों के मानकीकरण, स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य, टेबल एटीकेट और सेवा प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई।
ट्रेनिंग में इन जिलों के होम-स्टे संचालक हुए शामिल
प्रतिभागियों को डिजिटल भुगतान, स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी और पर्यटकों के समक्ष प्रभावी प्रस्तुतीकरण का प्रशिक्षण भी मिला। कार्यक्रम के अंत में मूल्यांकन, प्रमाण-पत्र वितरण और फार्म विजिट के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव कराया गया। प्रशिक्षण में प्रयागराज, फर्रुखाबाद, अंबेडकरनगर, महराजगंज, बिजनौर, सहारनपुर, ललितपुर, लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, वाराणसी, महोबा, बांदा और चित्रकूट के होम-स्टे संचालकों ने भाग लिया।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान के तहत अधिक से अधिक पर्यटकों को प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षित होम-स्टे संचालक पर्यटकों को स्थानीय कला, संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण जीवनशैली का करीब से अनुभव कराने के साथ प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देंगे।






