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यूपी : बंदी क्षमता बढ़ेगी… 5 जिलों में बनेंगी नई जेल, मोहनलालगंज में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय

योगी कैबिनेट में प्रदेश की कारागार व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में लिया गया अहम निर्णय, पांच नई जेलों में रखे जा सकेंगे 6212 बंदी, वहीं लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के लोगों को दस्तावेज पंजीकरण संबंधी सेवाएं अब स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी

लखनऊ, 4 जून 2026:

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद एक ओर पांच नए जिला कारागारों के निर्माण के लिए 1460 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। वहीं लखनऊ के मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण का रास्ता भी साफ कर दिया।

प्रदेश के मुरादाबाद, कानपुर नगर, औरैया, ललितपुर और भदोही में नए जिला कारागार बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जेलों में बढ़ती संख्या को कम करना, बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और कारागार प्रशासन को अधिक आधुनिक एवं व्यवस्थित बनाना है।

मुरादाबाद में 2000 बंदी क्षमता का जिला कारागार 386.91 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। कानपुर नगर में 2030 बंदी क्षमता वाली जेल पर 384.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। औरैया में 1056 बंदियों की क्षमता वाली जेल 264.96 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी। इसके अलावा ललितपुर में 552 बंदी क्षमता का कारागार 225.06 करोड़ रुपये तथा भदोही में 574 बंदी क्षमता की नई जेल 209.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाएगी।

सरकार का कहना है कि नए कारागारों के निर्माण से बंदियों के आवास, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुधारात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

इसी बैठक में लखनऊ के मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए ग्राम मऊ, परगना एवं तहसील मोहनलालगंज स्थित 953 वर्गमीटर भूमि राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।

इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त उप निबंधक कार्यालय भवन का निर्माण होगा। भवन में उप निबंधक कक्ष, पंजीकरण कक्ष, अभिलेखागार, प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था तथा महिला एवं पुरुष शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे क्षेत्र के लोगों को भूमि, भवन, विवाह, किरायानामा, गिफ्ट डीड समेत अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण संबंधी कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि भूमि हस्तांतरण से जुड़े पट्टा विलेख पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में पूर्ण छूट दी जाएगी, जिससे निर्माण प्रक्रिया को गति मिलेगी।

झांसी व कानपुर को भी मिली सौगात

कैबिनेट ने झांसी में गोआश्रय एवं पशु सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्तावित समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान की। पशुपालन विभाग की पांच एकड़ भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से पशु कल्याण गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

इसके अलावा कानपुर में कर्मचारी राज्य बीमा अस्पतालों के परस्पर हस्तांतरण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा संचालित पांडुनगर अस्पताल भारत सरकार को तथा भारत सरकार द्वारा संचालित जाजमऊ अस्पताल राज्य सरकार को हस्तांतरित किया जाएगा।

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