लखनऊ, 18 अप्रैल 2026:
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पारित न हो पाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इसी कड़ी में शनिवार को राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन समेत अन्य विपक्षी नेताओं की तस्वीरों को पैरों से रौंदते हुए नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने महिला विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए और सपा के खिलाफ भी तीखा आक्रोश जताया। हालात को देखते हुए पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर हालात को नियंत्रित किया गया।

संगठन के अध्यक्ष गोपाल राय ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल को गिराकर सपा और कांग्रेस ने अपना महिला विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला कदम था लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर महिलाओं को उनके हक से वंचित करने की कोशिश की है।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का गुस्सा भी साफ नजर आया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता महिला सशक्तिकरण और बराबरी की बात करते हैं, वे इस बिल के समय चुप क्यों हो गए। प्रदर्शनकारी ने महिलाओं ने कहा कि 33% आरक्षण से महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़तीं, फिर इसे पास क्यों नहीं होने दिया गया?
उन्होंने प्रियंका गांधी के लड़की हूं, लड़ सकती हूं बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज महिलाओं के लिए आवाज क्यों नहीं उठाई जा रही। प्रदर्शनकारियों ने सोनिया गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी कि वे जल्द ही इन दलों के कार्यालयों का घेराव करेंगे। फिलहाल पुलिस की सतर्कता से स्थिति नियंत्रण में रही लेकिन इस मुद्दे पर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।






