एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 17 मार्च 2026:
मोहनलालगंज इलाके के रोजगार सेवक की मौत के बाद मामला अब सियासी रंग लेता दिख रहा है। मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई।
परिवार से मुलाकात के दौरान अजय राय ने कहा कि लंबे समय से मानदेय न मिलने के चलते रोजगार सेवक आर्थिक तंगी में था। ऐसे हालात में वह मानसिक दबाव में आ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 से 20 महीने से प्रदेश में रोजगार सेवकों को भुगतान नहीं हुआ है, जिसकी वजह से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। भाजपा सरकार के उत्पीड़न और तंत्र की विफलता ने एक होनहार युवक को जान देने पर मजबूर कर दिया। कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।

बता दें कि मोहनलालगंज के कनकहा के मजरा फत्तेखेड़ा निवासी रमेश कुमार (38) गांव में रोजगार सेवक के तौर पर तैनात था। वह अतिरिक्त आमदनी के लिए हॉकर का काम भी करता था। परिजनों के मुताबिक 14 मार्च को वह घर से दवा लेने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव रायबरेली के बछरावां इलाके के विशुनपुर गांव में एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस को जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें मानसिक परेशानी और बीमारी का जिक्र किया गया है।
रोजगार सेवक संघ ने भी खोला मोर्चा
ग्राम रोजगार सेवक संघ के मोहनलालगंज ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर शुक्ला ने भी इस मामले को उठाया है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर कहा कि मृतक के पीछे पत्नी संगीता और पांच साल की बेटी अयान्शी है। घर की पूरी जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। कई महीनों से मानदेय न मिलने से हालात खराब हो चुके थे। त्योहारों पर भी परिवार की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं, जिससे तनाव बढ़ता गया। संघ ने मांग की है कि बकाया मानदेय और ईपीएफ की रकम तुरंत परिवार को दी जाए। साथ ही पत्नी को संविदा पर नौकरी देने की भी बात कही गई है।






