
वाराणसी, 18 जुलाई 2026:
वाराणसी पहुंचे सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं का काम धर्म का प्रचार-प्रसार करना है, राजनीति में दखल देना नहीं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें राजनीति ही करनी है तो कुर्ता-पायजामा सिलवा लें, गाड़ी पर समाजवादी पार्टी का झंडा लगा लें और खुलकर बैटिंग करें।
हनुमानगढ़ी विवाद पर दिया करारा जवाब
शनिवार को वाराणसी पहुंचने पर स्वागत के बाद कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू हुए। हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के विवाद को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से सरकार से सबूत मांगे जाने के सवाल पर राजभर ने कहा कि देश में कई शंकराचार्य हैं, लेकिन कोई भी राजनीतिक दलों के पक्ष में इस तरह बयानबाजी नहीं करता। उन्होंने कहा कि धार्मिक पद पर बैठे लोगों को अपने धर्म और समाज के मार्गदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
आजम खान की हालत के लिए सपा जिम्मेदार
आजम खान से जुड़े मामलों पर बोलते हुए राजभर ने कहा कि उनकी मौजूदा स्थिति के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी की है। उनका कहना था कि अगर रामपुर स्थित विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर उस समय जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली जाती तो आज ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब आजम खान लंबे समय तक जेल में रहे तब अखिलेश यादव उनसे मिलने क्यों नहीं गए।
सपा पर भी बोला हमला
राजभर ने इस दौरान समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा सामाजिक न्याय की बात करती है, लेकिन उसके शासनकाल में दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ। उनका आरोप था कि उस समय प्रशासन कुछ चुनिंदा नेताओं के इशारों पर चलता था।
सीट बंटवारे पर क्या बोले
एनडीए में सीटों के बंटवारे के सवाल पर राजभर ने कहा कि अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। केंद्रीय नेतृत्व सभी सहयोगी दलों के साथ बैठक करेगा और आपसी सहमति से सीटों का बंटवारा तय होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी सीट किसी एक दल की स्थायी संपत्ति नहीं होती।






