विकास गोंड
वाराणसी, 15 अप्रैल 2026:
यूपी के वाराणसी में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। बुधवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर में लगाए जा रहे प्रीपेड मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं में बढ़ते असंतोष के बीच कांग्रेस ने इसे जनहित का बड़ा मुद्दा बना दिया है।
महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में कांग्रेस ने तीन प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के यहां बिना सहमति के प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं उन्हें तत्काल हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। नए बिजली कनेक्शन के साथ प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त की जाए ताकि उपभोक्ताओं को विकल्प मिल सके। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर की खामियों से जनता पहले ही परेशान है। अब प्रीपेड मीटर लागू कर लोगों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बिजली व्यवस्था में सुधार के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा सीधे आम जनता से जुड़ा है। इसमें किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






