विकास गोंड
चंदौली, 12 मई 2026:
पूर्वांचल में महज 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की कनपटी पर गोली मारकर सनसनी फैलाने वाला कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह सोमवार देर शाम पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी को क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए अलीनगर थाना क्षेत्र के दरियापुर इलाके में ले जाया गया था। इसी दौरान उसने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद जिला अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया।

जांच में सामने आया कि गुरप्रीत सिंह मूल रूप से हरियाणा के अंबाला का रहने वाला था। उसने वर्ष 2020 में सेना की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह बिहार के आरा सहित विभिन्न शहरों में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता रहा। उसके पास से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और एक अवैध तमंचा बरामद किया गया था। पूछताछ में उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी कई सवाल उठे।
गुरप्रीत सिंह पर सबसे पहले गाजीपुर के जमानियां निवासी मंगरू चौधरी की हत्या का आरोप है। बताया जाता है कि उसने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में उनकी कनपटी पर गोली मार दी थी। इसके कुछ ही घंटों बाद 13151 कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस के एस-2 कोच में बिहार निवासी विनेश साव को भी इसी तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों वारदातों ने रेलवे और आसपास के इलाकों में दहशत फैला दी थी।
लगातार दो हत्याओं के बाद भी आरोपी नहीं रुका। सोमवार सुबह वह अलीनगर थाना क्षेत्र के कमलापुर स्थित जीवक अस्पताल पहुंचा। उसने इलाज के बहाने पर्चा बनवाया और अस्पताल में भर्ती बिहार के भभुआ निवासी 55 वर्षीय लक्ष्मीना देवी की कनपटी पर गोली मार दी। गोली चलने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया था कि उसे ‘ऊपर से संकेत’ मिलते थे, जिसके बाद वह लोगों को निशाना बनाता था। हालांकि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह मानसिक रूप से बीमार था या यह बयान जांच को भटकाने की कोशिश थी।
लगातार एक जैसे तरीके से की गई तीन हत्याओं ने पूरे पूर्वांचल को हिला दिया। अब आरोपी की मौत के बाद पुलिस उसके मानसिक स्वास्थ्य, संभावित आपराधिक नेटवर्क और इन वारदातों के पीछे की वास्तविक वजह की पड़ताल में जुटी है।






