लखनऊ, 7 फरवरी 2026:
यूपी में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ सरकार अब निर्णायक लड़ाई के मूड में है। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा है कि चाइनीज मांझे से होने वाली मौत को किसी भी सूरत में ‘साधारण हादसा’ नहीं माना जाएग बल्कि इसे ‘हत्या’ जैसी गंभीर आपराधिक घटना के रूप में देखा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने इसके उत्पादन, बिक्री, भंडारण और परिवहन से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीएम के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक और सघन अभियान शुरू किया जा रहा है। थोक विक्रेताओं, खुदरा दुकानदारों, ऑनलाइन सप्लायर्स, परिवहन चैनलों और गोदामों की गहन जांच कर चाइनीज मांझे के पूरे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में चाइनीज मांझे की एक भी रील न बिके और न ही कहीं स्टोर हो पाए।
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी की तैनाती की जा रही है। ये अधिकारी 24×7 निगरानी रखेगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया ग्रुप्स और अनौपचारिक चैनलों के जरिए हो रही अवैध बिक्री पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी जिससे किसी भी स्तर पर इसकी आपूर्ति को पूरी तरह रोका जा सके।
सरकार इस मुहिम को जन सहयोग से भी जोड़ रही है।
स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को बताया जा सके कि चाइनीज मांझा न सिर्फ प्रतिबंधित है, बल्कि बेहद जानलेवा भी है। बाजारों और पतंग विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं भी चाइनीज मांझा मिला, तो तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी।
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी क्षेत्र में चाइनीज मांझे से कोई घटना होती है तो सिर्फ विक्रेता ही नहीं बल्कि संबंधित स्थानीय पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। सरकार का संदेश साफ है कि चाइनीज मांझे के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं होगी।






