नई दिल्ली, 9 फरवरी 2026:
यूपी के चर्चित उन्नाव रेप केस में सजा काट रहे भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने सेंगर की जमानत याचिका खारिज करते हुए साफ कहा कि इस स्तर पर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि सेंगर की लंबित अपील पर सुनवाई तीन महीने के भीतर पूरी की जाए।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले का अधिकार क्षेत्र हाईकोर्ट के पास है और अंतिम निर्णय वहीं से आना उचित होगा। कुलदीप सिंह सेंगर ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में मिली सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इसी के साथ उसने सजा के निलंबन और जमानत की मांग भी की थी। हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित रहने के कारण सेंगर ने अंतरिम राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया लेकिन शीर्ष अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया।

मालूम हो कि कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव रेप मामले में पहले ही दोषी करार दिया जा चुका है। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत का मामला इसी प्रकरण से जुड़ा है जिसने देशभर में आक्रोश और तीखी बहस को जन्म दिया था। सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद अब सभी की निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिक गई हैं, जहां इस अपील पर अंतिम फैसला होना है।
कुलदीप सिंह सेंगर 13 अप्रैल 2018 से जेल में बंद है। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा काट रहा है। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को उसे नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जमानत मिली थी लेकिन 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी।
मालूम हो कि 4 जून 2017 को पीड़िता की नाबालिग बेटी को नौकरी का झांसा देकर सेंगर के घर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म हुआ। इसके बाद 3 अप्रैल 2018 को कोर्ट में पेशी के लिए उन्नाव आए पीड़िता के पिता पर दिनदहाड़े हमला हुआ। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया और 9 अप्रैल 2018 को हिरासत में उनकी मौत हो गई। इस मामले में अब न्याय की अगली कसौटी दिल्ली हाईकोर्ट में तय होगी।





