लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की प्राथमिकताएं साफ कीं। उन्होंने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर और बढ़ते आत्मविश्वास का आईना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ साल में प्रदेश ने अपना परसेप्शन बदला है। जो राज्य कभी पॉलिसी पैरालिसिस और बदइंतजामी के लिए जाना जाता था, आज वह अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में खुद को पेश कर रहा है। उनका कहना था कि नौ वर्षों में प्रदेश का बजट तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है और आज 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट सदन में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि इस बार बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम देने पर केंद्रित है। तकनीकी निवेश के जरिए उत्तर प्रदेश को समृद्ध बनाने का रोडमैप इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह बजट नव वर्ष के नवनिर्माण की नई गाथा पेश करता है।
योगी ने कहा कि यह सरकार का दसवां बजट है और प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी एक सरकार को लगातार दसवीं बार बजट पेश करने का अवसर मिला है। उन्होंने यह भी दोहराया कि नौ साल में सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया। कर चोरी और लीकेज पर रोक लगाकर बेहतर वित्तीय प्रबंधन किया गया, जिसके चलते उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकालकर देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाला राज्य बनाया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए रखी गई है। यह पैसा परिसंपत्तियों के निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लगाया जाएगा। उनका कहना था कि असली रोजगार यहीं से पैदा होता है। इसके अलावा 43 हजार 565 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है।
डेटा प्रबंधन को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाने की बात कही। योगी ने कहा कि पहले अलग अलग विभाग अलग समय पर अलग आंकड़े देते थे। इसे ठीक करने के लिए स्टेट डाटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो रियल टाइम डाटा और मॉनिटरिंग के जरिए योजनाओं को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएगी।
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत नए सेक्टर में काम के लिए डाटा सेंटर क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। मेडटेक और डीपटेक को बढ़ावा देने के लिए एआई मिशन की घोषणा भी बजट में की गई है, ताकि युवाओं को नई स्किल और ज्यादा रोजगार के मौके मिल सकें।
वित्तीय स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी प्रदेश पर कर्ज का बोझ 30 फीसदी से ज्यादा था, जिसे घटाकर 27 फीसदी तक लाया गया। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।






