लखनऊ, 12 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में युवतियों को नौकरी और प्यार का झांसा देकर शोषण करने वाले एक कथित संगठित नेटवर्क बेनकाब हुआ है। गोमतीनगर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी अपनी पहचान छिपाकर दूसरे नामों से दोस्ती करते थे। भरोसा जीतते थे और फिर ब्लैकमेल कर युवतियों को दबाव में लेते थे। आशंका है कि इस नेटवर्क के तार अन्य शहरों तक फैले हो सकते हैं।
एक पीड़िता के बयान के मुताबिक वह वर्ष 2024 में अमेठी से यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए लखनऊ आई थी। इसी दौरान एक युवक ने खुद को ‘राहुल’ बताकर उससे दोस्ती की। आरोप है कि नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर उसे कमरे पर बुलाया गया। नशीला पदार्थ पिलाया गया और बाद में झूठे वादों के सहारे मानसिक व शारीरिक शोषण किया गया।

पीड़िता का कहना है कि उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली गई और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर स्पा सेंटर में जबरन काम कराया गया। पुलिस ने इस मामले में कमरू जमाल और कमर हयात को नामजद किया है। आरोप है कि कमरू जमाल ‘राहुल’ और कमर हयात ‘सोनू’ बनकर युवतियों से संपर्क करते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खास तौर पर उन लड़कियों को निशाना बनाते थे जो पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे शहरों से लखनऊ आई थीं और जिन्हें नौकरी की तलाश थी। पीड़िता के अनुसार इस गिरोह का शिकार बनी युवतियां प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्पा सेंटर समेत अन्य संदिग्ध ठिकानों की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के साथ हिंदू संगठनों के पदाधिकारी थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच होगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।






