राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 12 फरवरी 2026:
उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन्स संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को राजधानी देहरादून में अलग अलग ट्रेड यूनियनों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने गांधी पार्क से सचिवालय की ओर कूच किया और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
सचिवालय की ओर बढ़ रही रैली को पुलिस ने बैरियर लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। इस पर यूनियन से जुड़े लोगों ने वहीं नारेबाजी शुरू कर दी और सड़क पर धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों, मजदूरों और गरीब तबके के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि श्रम कानूनों में बदलाव कर श्रमिकों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने ज्ञापन लेकर आगे कार्रवाई का भरोसा दिया। हड़ताल का असर कई विभागों में देखने को मिला। स्वास्थ्य समेत कुछ अन्य विभागों के संविदा कर्मी हड़ताल पर रहे। तीन बैंक यूनियनों के शामिल होने से कई बैंकों में कामकाज भी प्रभावित हुआ।

ज्ञापन में न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये तय करने की मांग की गई है। इसके साथ ही संविदा कर्मियों को नौकरी की गारंटी देने, चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने और श्रमिक बस्तियों को मालिकाना हक देने की बात कही गई। यूनियनों ने मनरेगा को सही तरीके से लागू करने, श्रम कानूनों को मजबूत बनाने और स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन में इंटक, सीटू, एटक और एक्टू समेत कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। आशा और स्वास्थ्य कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चाय बागान श्रमिक, भोजन माता, बैंक और बीमा कर्मचारी तथा पथ परिवहन निगम के कर्मचारी भी मौजूद रहे।






