Lucknow CityUttar Pradesh

श्रृंगवेरपुर बनेगा आस्था-संस्कृति का नया तीर्थ : जीवंत होगी निषादराज की नगरी

प्रयागराज में निषादराज गुह्य सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण तेजी से जारी, अब म्यूजियम में दिखेगी भगवान राम को गंगा पार कराने की कथा

लखनऊ/प्रयागराज, 12 फरवरी 2026:

रामनगरी अयोध्या की तर्ज पर अब प्रयागराज जिले का ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल श्रृंगवेरपुर भी भव्य स्वरूप में निखर रहा है। प्रभु श्रीराम के परम भक्त निषादराज गुह्य की राजधानी रहे इस तीर्थस्थल पर निषादराज गुह्य सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण तेजी से जारी है। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की 19.61 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिससे तय है कि यह केंद्र जल्द ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगा।

परिसर की सबसे खास पहचान म्यूजियम ब्लॉक है जहां श्रीराम और निषादराज की अमर कथा को चित्रों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। यह संग्रहालय उनके आत्मीय संबंधों और सामाजिक समरसता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। म्यूजियम ब्लॉक का ढांचा तैयार है और फिनिशिंग व प्लास्टर का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही लगभग 400 दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम भी आकार ले रहा है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठियां और प्रस्तुतियां होंगी। ऑडिटोरियम में स्टेप स्लैब का कार्य प्रगति पर है और ब्रिकवर्क पूरा हो चुका है।

WhatsApp Image 2026-02-12 at 4.15.29 PM

पूरे परिसर में आर्किटेक्चरल व स्ट्रक्चरल कार्यों के साथ विद्युत व्यवस्था और आंतरिक जल आपूर्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाउंड्री वॉल तैयार हो चुकी है। स्टोन वर्क कर्टेन क्लैडिंग, लैंडस्केपिंग, सेंट्रल इंफॉर्मेशन बोर्ड, मुख्य द्वार, गार्ड रूम, इंटरलॉकिंग रोड, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सेप्टिक टैंक, सोकपिट और अंडरग्राउंड टैंक विकसित किए जा रहे हैं। मेटल सिल्हौटी और पंप कक्ष का निर्माण भी जारी है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि श्रृंगवेरपुर केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं बल्कि त्याग, समर्पण और सामाजिक समरसता की प्रतीक भूमि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप इस दिव्य प्रसंग को आधुनिक स्वरूप में जीवंत किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी न्याय, समरसता और सर्वहित की भावना को गहराई से समझ सके। रामायण में वर्णित यह स्थल जहां भगवान राम ने विश्राम किया और निषादराज ने चरण धोकर श्रद्धा प्रकट की। अब आस्था, संस्कृति और पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button