टोक्यो/लखनऊ, 26 फरवरी 2026:
जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के ‘अंधेरे से उजाले’ तक के परिवर्तन की कहानी पूरे आत्मविश्वास के साथ रखी। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में सड़कें नहीं थीं, बिजली नहीं आती थी और कानून-व्यवस्था बदहाल थी। योगी ने स्पष्ट किया कि भय और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए उजाले की जरूरत होती है। इसी सोच के साथ राज्य में बिजली आपूर्ति और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश दंगे-कर्फ्यू की पहचान से आगे बढ़कर दीपोत्सव, महाकुंभ और वैश्विक निवेश का केंद्र बन चुका है। कानून-व्यवस्था में सुधार, बेहतर सड़क नेटवर्क और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति ने निवेशकों का विश्वास लौटाया है। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर खुल रहे हैं। यह बदलाव विकसित भारत के संकल्प को जमीन पर उतार रहा है।
सीएम योगी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और 25 करोड़ आबादी वाला उत्तर प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। अयोध्या का दीपोत्सव, काशी की देव दीपावली और मथुरा-वृंदावन का रंगोत्सव सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास आधुनिकता और परंपरा के सुंदर संगम का उदाहरण है।
जापान को ‘उगते सूरज की धरती’ बताते हुए सीएम योगी ने भारत को ‘सूर्यपुत्रों की भूमि’ कहा और रामराज्य की अवधारणा को कर्तव्य-बोध से जोड़ते हुए जीवन पद्धति के रूप में स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने जापान में रह रहे करीब 55 हजार भारतीयों से दोनों देशों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई।
काशी की शास्त्रीय संगीत परंपरा, उत्तराखंड की जागर गाथा और अयोध्या में राममंदिर निर्माण की भावना से ओतप्रोत प्रस्तुति ने समां बांध दिया। सीएम योगी ने कलाकार बेटियों की सराहना की और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। अंत में उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का परिचय कराते हुए जापान में भारत की राजदूत और उनकी टीम का आभार जताया।






