Lucknow City

लखनऊ में खुशबू और हरियाली का उत्सव : जनेश्वर मिश्र पार्क में रोज फेस्टिवल संग रोज गार्डेन का शुभारंभ

15 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डेन, गुलाब की 2,269 प्रजातियों एवं 10,509 पौधों से सुसज्जित है गार्डेन, सांस्कृतिक संध्या में लोक एवं समकालीन संगीत की प्रस्तुति

लखनऊ, 1 मार्च 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ की फिजाओं में अब गुलाबों की महक और हरियाली की ताजगी घुल गई है। गोमतीनगर विस्तार स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में विकसित देश के दूसरे सबसे बड़े रोज गार्डेन का भव्य शुभारंभ रोज फेस्टिवल के साथ हुआ। 15 एकड़ में फैले इस अनोखे उद्यान में गुलाब की 2,269 प्रजातियों के 10,509 पौधे वैज्ञानिक ढंग से रोपे गए हैं। रेनबो थीम पर आधारित यह रोज गार्डेन रंगों के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता, समरसता और जैव विविधता का सशक्त संदेश देता है।

उद्घाटन समारोह में लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन में शहर के नागरिकों, कलाकारों, पर्यावरणविदों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस पहल को जन-आंदोलन का रूप दे दिया। फेस्टिवल का उद्देश्य ‘पर्यावरण के प्रति प्रेम’ की भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना रहा।

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रोज गार्डेन परिसर में स्थापित ‘Awareness to Action’ पर्यावरण गैलरी में वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और शहरी पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन से जुड़ी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी। मियावाकी पद्धति पर आधारित सघन वृक्षारोपण के जीवंत प्रदर्शन ने तेजी से हरित पट्टी विकसित करने की तकनीक को आमजन के सामने सरल रूप में प्रस्तुत किया।

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पर्यावरण संवाद सत्रों में वानिकी, जल संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी जैसे अहम मुद्दों पर विशेषज्ञों और कलाकारों ने प्रेरक विचार साझा किए। युवाओं की भूमिका, जलवायु जागरूकता और सतत विकास पर हुई चर्चाओं ने आने वाली पीढ़ी को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

सांध्यकालीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में लोक कलाकार राहीगर की भावपूर्ण गायकी और पॉप रॉक बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति ने माहौल को जीवंत बना दिया। पॉप अप मार्केट में सस्टेनेबल ब्रांड्स और हस्तनिर्मित उत्पादों ने पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाने का संदेश दिया। कविता, कहानी, इंटरैक्टिव वर्कशॉप और पौधा वितरण जैसी गतिविधियों ने लोगों को प्रकृति से जुड़ने और वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया।

यह रोज फेस्टिवल एक आयोजन के साथ लखनऊ को हरित भविष्य की ओर ले जाने वाला एक सुंदर संकल्प है। इसमें संस्कृति, कला और पर्यावरण मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीदों की नई कली खिलाते हैं।

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