लखनऊ, 7 मार्च 2026:
बुंदेलखंड क्षेत्र को औद्योगिक विकास के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार की पहल तेज हो गई है। बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे बड़े उद्योगों की स्थापना का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक बीडा क्षेत्र के 33 गांवों में करीब 56,662 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित है। इसमें पहले चरण में 35,298 एकड़ और दूसरे चरण में 21,364 एकड़ जमीन लेने की योजना है। अब तक करीब 24,201 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। इससे औद्योगिक परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ बढ़ रही निवेशकों की दिलचस्पी
बुंदेलखंड को औद्योगिक हब बनाने के लिए क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी तेजी से काम हो रहा है। उद्योगों के लिए जरूरी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं, जिससे निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। भूमि उपलब्ध होने से अब बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट शुरू करने की राह आसान हो रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र उद्योग और निवेश के लिहाज से अहम केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
दिल्ली नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से मिलेगा बड़ा फायदा
बुंदेलखंड क्षेत्र को दिल्ली नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ने की योजना भी आगे बढ़ रही है। करीब 300 एकड़ जमीन पर नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के सहयोग से इस कॉरिडोर से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियां विकसित की जाएंगी। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
डिफेंस सेक्टर में भी प्रस्तावित हैं बड़े प्रोजेक्ट
औद्योगिक विकास के साथ रक्षा क्षेत्र में भी निवेश की योजना तैयार की जा रही है। करीब 250 एकड़ जमीन पर बैटल टैंक के रखरखाव और मरम्मत से जुड़ी एमआरओ सुविधा तथा कॉम्बैट व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से रक्षा उपकरणों के निर्माण और तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में भी बुंदेलखंड की भूमिका बढ़ेगी।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने से बुंदेलखंड के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ छोटे व्यापार और सेवाओं के क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। इस तरह बुंदेलखंड में चल रही औद्योगिक गतिविधियां क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की संभावना के रूप में देखी जा रही हैं।






