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राहुल गांधी के गले मे दिखा नीला गमछा…85 बनाम 15 की असमानता पर किया तीखा हमला

कांशीराम जयंती से एक दिन पहले इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ संविधान सम्मेलन, कार्यक्रम को दिया 'सामाजिक परिवर्तन दिवस' का नाम, नेता प्रतिपक्ष ने निजी क्षेत्र और संस्थानों में प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल

लखनऊ, 13 मार्च 2026:

राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांग्रेस की ओर से संविधान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कांशीराम जयंती से एक दिन पहले आयोजित इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिरकत की और अपने संबोधन में सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और संविधान की मूल भावना पर बात रखते हुए भाजपा पर तीखे हमले किये।

राहुल गांधी के लखनऊ पहुंचने पर एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। सम्मेलन में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ के संकल्प को दोहराया।

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर शिक्षा और संगठन की बात करते थे। आज जब कांशीराम को याद किया जाता है तो यह समझना जरूरी है कि समाज को 15 और 85 के अनुपात में बांट दिया गया है। उनका कहना था कि व्यवस्था का लाभ सीमित वर्ग तक ही सिमट कर रह गया है, जबकि बड़ी आबादी को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है।

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उन्होंने कहा कि अगर जवाहरलाल नेहरू आज जीवित होते तो कांशीराम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश में सामाजिक और आर्थिक ढांचे को समझे बिना बराबरी की बात अधूरी है।

राहुल गांधी ने मंच से संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि यह केवल एक किताब नहीं है, बल्कि इसमें हजारों साल के विचारों और संघर्षों की आवाज शामिल है। उन्होंने कहा कि संविधान में आंबेडकर, महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की सोच दिखाई देती है। उनका कहना था कि संविधान समानता और न्याय की भावना पर आधारित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश की कई संस्थाओं और निजी क्षेत्रों में वंचित वर्गों की भागीदारी बहुत कम दिखाई देती है। राहुल गांधी ने कहा कि बड़ी निजी कंपनियों और संस्थानों के शीर्ष पदों को देख लिया जाए तो वहां दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों की मौजूदगी बेहद सीमित नजर आती है।

उन्होंने कहा कि समाज में काम करने वाले मजदूरों और मेहनतकश वर्ग में बड़ी संख्या दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदाय के लोगों की है, लेकिन निर्णय लेने वाले पदों पर उनकी भागीदारी बहुत कम है। राहुल गांधी के मुताबिक संविधान की भावना यही है कि जितनी आबादी, उतनी भागीदारी हो और हर नागरिक को समान अवसर मिले।

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जय हिंद, सांसद राकेश राठौर, सांसद तनुज पुनिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ‘लल्लू’ और प्रदेश ओबीसी विभाग के अध्यक्ष मनोज यादव सहित कई नेता मौजूद रहे।

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