लखनऊ, 15 मार्च 2026:
राजधानी के चौक इलाके में चार साल के मासूम की हत्या के मामले ने लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस जब सीन री-क्रिएशन के लिए बच्चे के पिता और सौतेली मां को घर लेकर पहुंची तो मोहल्ले में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर जुट गए और आरोपियों को घेरने की कोशिश करने लगे।
पुलिस टीम दोनों आरोपियों को घर के अंदर ले जाकर घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही थी। इस दौरान बाहर मौजूद लोग लगातार नारेबाजी करते रहे। कुछ लोगों ने गेट फांदकर अंदर जाने की भी कोशिश की। करीब एक घंटे बाद जब पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर बाहर निकली तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पुलिस से उन्हें सौंपने की मांग करने लगी।

मौके पर मौजूद लोग काफी गुस्से में थे। कई लोग पुलिस से कह रहे थे कि आरोपियों को उनके हवाले कर दिया जाए ताकि उन्हें सजा दी जा सके। कुछ लोगों ने आरोपियों को पीटने की भी कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने किसी तरह दोनों को भीड़ से बचाते हुए वहां से निकाल लिया।
बता दें कि चौक के लाजपत नगर निवासी अधिवक्ता भीष्म खरबंदा पर अपने चार साल के बेटे अर्नव की हत्या का आरोप है। पुलिस के मुताबिक 12 मार्च को उसने अपनी दूसरी पत्नी रागिनी के साथ मिलकर बच्चे की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद मामले को छिपाने के लिए बच्चे के बीमार होने की कहानी गढ़ी गई।

मृतक अर्नव की नानी सुधा जब उन्नाव से पहुंचीं तो उन्हें बच्चे की हालत देखकर शक हुआ। उन्होंने शरीर से कपड़े हटाकर देखा तो कई जगह चोट के निशान मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई और बच्चे के शरीर पर 18 चोटों के निशान पाए गए।
पुलिस ने नानी की तहरीर पर पिता भीष्म खरबंदा और उसकी दूसरी पत्नी रागिनी को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अर्नव भीष्म की पहली पत्नी स्वाति कश्यप का बेटा था। पहली पत्नी की मौत के बाद भीष्म ने रागिनी से दूसरी शादी की थी। आरोप है कि रागिनी को बेटा होने के बाद अर्नव के साथ मारपीट बढ़ गई थी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।






