Uttar Pradesh

पर्यटन मंत्री ने बताया ब्रज के रंगोत्सव से कैसे चमकी ‘टेंपल इकॉनमी,’ कहा… सैफई के नाच-गाने से प्रदेश को मिली मुक्ति

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले-ब्रज में होली पर 44 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, तीर्थ पर्यटन से बढ़ रहे रोजगार और कारोबार

लखनऊ/आगरा, 16 मार्च 2026:

उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखने लगा है। पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का कहना है कि प्रदेश में अब मंदिर, तीर्थ और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए पर्यटन को नई रफ्तार मिली है। इससे स्थानीय रोजगार और कारोबार भी बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी के सैफई में नृत्य महोत्सव होता था। अब राधे-राधे का स्वर पूरी दुनिया में गूंज रहा है। विकास की चर्चा सीमित थी, लेकिन अब आस्था, त्योहार और संस्कृति को जोड़कर पर्यटन को मजबूत किया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश के तीर्थ स्थलों पर पहुंच रहे हैं।

ब्रज रंगोत्सव में टूटा पर्यटकों का रिकॉर्ड

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मंत्री के मुताबिक ब्रज रंगोत्सव 2026 के दौरान होली के प्रमुख दिनों में ब्रज क्षेत्र में 44 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। मथुरा, वृंदावन और आसपास के इलाकों में लठमार होली, फूलों की होली, हुरंगा जैसे पारंपरिक आयोजनों ने लोगों को खूब आकर्षित किया।

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देश के अलग-अलग राज्यों के साथ अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और ब्राजील से भी पर्यटक इन उत्सवों में शामिल होने पहुंचे। मंदिरों में होने वाले पारंपरिक कार्यक्रमों और ब्रज की सांस्कृतिक झलक देखने के लिए लोगों की बड़ी भीड़ उमड़ी।

मथुरा, अयोध्या और काशी बन रहे बड़े पर्यटन केंद्र
जयवीर सिंह ने बताया कि मथुरा-वृंदावन से लेकर अयोध्या और काशी तक प्रदेश के बड़े तीर्थ स्थल अब दुनिया भर में पहचान बना रहे हैं। वर्ष 2025 में अकेले मथुरा में करीब 10.24 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे।

ब्रज क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में करीब 300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। इनमें मथुरा से वृंदावन के बीच करीब 11.80 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का निर्माण और पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम जैसी योजनाएं शामिल हैं।

सरकार ने ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए बजट भी लगातार बढ़ाया है। वर्ष 2018-19 में करीब 43.87 करोड़ रुपये से शुरुआत हुई थी। इसके बाद 2019-20 में करीब 124.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। आने वाले वर्षों में यह राशि बढ़ती गई और 2024-25 में 140 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस बजट से तीर्थ स्थलों का विकास, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन ढांचे को मजबूत करने का काम चल रहा है।

ब्रज में खासकर फरवरी और मार्च के महीनों में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ती है। 2016 में इन महीनों के दौरान करीब 19.90 लाख लोग ब्रज पहुंचे थे। 2023 में यह संख्या बढ़कर 33.26 लाख हो गई। 2024 में यह आंकड़ा 44 लाख के पार चला गया और 2025 में 54 लाख से ज्यादा श्रद्धालु इन आयोजनों में शामिल हुए।

पर्यटन विभाग ब्रज क्षेत्र में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। मथुरा-वृंदावन मार्ग पर मोर संरक्षण केंद्र का सौंदर्यीकरण, मथुरा परिक्रमा मार्ग का नवीनीकरण और पांच पवित्र कुंडों के पानी की सफाई का काम चल रहा है। गोवर्धन के पास परासौली गांव में सूरदास की समाधि परिसर के संरक्षण और अकबरपुर में पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। मथुरा और वृंदावन के बीच बन रहा ऑडिटोरियम और कन्वेंशन हॉल भी अंतिम चरण में है।

तीर्थ पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को भी फायदा मिल रहा है। मथुरा के जैत गांव में तुलसी की माला बनाने का काम अब बड़ा रोजगार बन चुका है। सैकड़ों लोग इससे जुड़े हैं और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इन मालाओं को खरीदते हैं। इसके अलावा परासौली का हस्तशिल्प और गोवर्धन का फूल बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। मंत्री के मुताबिक तीर्थ पर्यटन के चलते मथुरा, अयोध्या और काशी जैसे शहर अब आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं।

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