लखनऊ, 19 मार्च 2026:
यूपी में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार अब होम-स्टे मॉडल को मजबूती देने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में पर्यटन विभाग के तहत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में प्रदेशभर से आए होम-स्टे संचालकों के लिए पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया है। शुक्रवार तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 31 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य होम-स्टे संचालकों को पारंपरिक व्यवस्था से निकालकर आधुनिक और पेशेवर बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को होम-स्टे की अवधारणा, उसकी आवश्यकता, संचालन के प्रभावी तरीके और कम लागत में बेहतर सेवाएं विकसित करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। साथ ही टैरिफ प्लान, बजट प्रबंधन और लागत नियंत्रण की तकनीकों पर भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उनके मुताबिक यह कार्यक्रम न केवल होम-स्टे मालिकों को आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि देशी-विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच यूपी में होम-स्टे तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
प्रशिक्षण में डिजिटल स्किल्स पर भी खास फोकस है। प्रतिभागियों को सोशल मीडिया के जरिए प्रचार-प्रसार, डिजिटल पेमेंट, अतिथि पंजीकरण और पर्यटकों को आवश्यक जानकारी देने के आधुनिक तरीके सिखाए जा रहे हैं। इसके अलावा साफ-सफाई, रखरखाव, इंटीरियर सजावट और रिस्पांसिबल टूरिज्म के महत्व को भी विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम के तहत ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग, ग्राहक सेवा, व्यक्तित्व विकास और स्थानीय व्यंजनों के मानकीकरण जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। चौथे दिन प्रतिभागियों को अध्ययन सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए गए जबकि पांचवें दिन फार्म विजिट के माध्यम से प्रैक्टिकल जानकारी दी जाएगी।

लखनऊ, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, बरेली, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर, शाहजहांपुर, कासगंज और उन्नाव से आए प्रतिभागियों ने इस पहल को ग्रामीण पर्यटन के लिए गेमचेंजर बताया। उनका कहना है कि इस प्रशिक्षण से वे अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित कर पाएंगे और पर्यटकों को यादगार अनुभव दे सकेंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि आने वाले समय में होम-स्टे, महंगे होटलों का किफायती विकल्प बनकर पर्यटन की मजबूत नींव तैयार करेंगे।






