न्यूज डेस्क, 22 मार्च 2026:
पश्चिम एशिया भीषण संघर्ष की आग में झुलसता नजर आ रहा है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद भड़के इस टकराव ने अब बहु-क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेना शुरू कर दिया है। ईरान के पलटवार, खाड़ी देशों में बढ़ती सैन्य गतिविधियां, इराक और लेबनान में सक्रिय संगठनों के हमले और समुद्री मार्गों पर खतरे ने वैश्विक चिंता को चरम पर पहुंचा दिया है।
इजराइल पर ईरानी मिसाइल हमला, कई शहर बने निशाना
खबरों के अनुसार ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों की बौछार कर दी। इसके बाद मध्य इजराइल में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ये विस्फोट ईरान से दागी गई मिसाइलों के कुछ ही समय बाद हुए। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजराइल के कई अहम शहर अराद, डिमोना, इलात, बेर्शेबा और किरयात गात में सैन्य ठिकानों और सुरक्षा केंद्रों को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि इन हमलों में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं। हालांकि इजराइल ने इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है। इजराइली एम्बुलेंस सेवा के मुताबिक अराद में 88 लोग घायल हुए जबकि डिमोना में 39 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तेहरान में अमेरिकी-इजराइली ड्रोन मार गिराने का दावा
ईरानी सेना ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने तेहरान के ऊपर एक अमेरिकी-इजराइली हथियारबंद ड्रोन को मार गिराया। यह हमले की तैयारी में था। ईरानी एजेंसियों के अनुसार हालिया संघर्ष में अब तक 127 उन्नत ड्रोन को उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया है। इससे पहले इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने तेहरान पर नए हमले शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों से विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
इराक में अमेरिकी ठिकानों पर तमाम हमले
संघर्ष का दायरा इराक तक फैल चुका है। इराक में सक्रिय इस्लामिक रेजिस्टेंस ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर डेढ़ दर्जन से अधिक हमले किए हैं। इन हमलों में ड्रोन और रॉकेट का इस्तेमाल किया गया। बगदाद के पश्चिमी इलाके में भी जोरदार धमाकों की खबर है। बताया जा रहा है कि बगदाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास स्थित अमेरिकी लॉजिस्टिक कैंप के नजदीक एयर डिफेंस सिस्टम ने दो ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि धमाकों और ड्रोन हमलों के बीच सीधा संबंध अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

सऊदी अरब और खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत में एक घंटे के भीतर पांच संदिग्ध ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये ड्रोन सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते थे, इसलिए तत्काल कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, कतर में एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते समुद्र में गिर गया। उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है।
यूएई के शारजाह तट के पास एक तेल टैंकर के करीब धमाका हुआ है। इसे किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से जुड़ा बताया जा रहा है। राहत की बात यह है कि जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों का दावा
ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस और यूएई के अल-मिनहाद व अल-धाफरा एयरबेस को निशाना बनाया। हालांकि इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन इन दावों ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
लेबनान सीमा पर हिजबुल्ला की सक्रियता
लेबनान का सशस्त्र संगठन हिजबुल्ला भी इस संघर्ष में सक्रिय हो गया है। संगठन ने दावा किया है कि उसने सीमा के पास इजराइली सैनिकों और सैन्य वाहनों पर रॉकेट से हमले किए। मार्काबा और अल-अदाइसेह क्षेत्रों में हुए इन हमलों में फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन इससे उत्तरी इजराइल में तनाव और बढ़ गया है।
अब ट्रंप ने ईरान को दी 48 घंटे की ये चेतावनी
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चेतावनी दी कि यदि ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को बिना शर्त नहीं खोलता है तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पावर प्लांट्स को अमेरिका निशाना बना सकता है और कार्रवाई सबसे बड़े संयंत्र से शुरू होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में कमजोर हो चुकी है। उसकी नेतृत्व व्यवस्था भी प्रभावहीन हो गई है। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है लेकिन इस दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
तनाव कम नहीं हुआ तो वैश्विक असर की आशंका
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति लाइनों में से एक है। यदि यह मार्ग बाधित होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है। मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही तनाव कम नहीं हुआ तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच सीधा टकराव अब कई मोर्चों पर फैल चुका है। खाड़ी देशों की बढ़ती भागीदारी, इराक और लेबनान में सक्रिय समूहों के हमले और समुद्री मार्गों पर खतरे ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अगले 48 घंटे इस पूरे क्षेत्र के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो यह टकराव एक व्यापक युद्ध में बदल सकता है, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे।






