Lucknow City

लखनऊ में गूंजा अनुशासन का स्वर : डिप्टी जेलर व वार्डरों की दीक्षांत परेड में दिखा दम, उत्कृष्ट प्रशिक्षु सम्मानित

प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने ली परेड की सलामी, अधिकारी संवर्ग में यूपी के शशिकांत और जेल वार्डर संवर्ग में उत्तराखंड की कविता जलाल को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार

लखनऊ, 22 मार्च 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में रविवार को आयोजित प्रशिक्षु डिप्टी जेलर और उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के जेल वार्डरों की भव्य दीक्षांत परेड में अनुशासन, समर्पण और प्रशिक्षण की शानदार मिसाल देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने शिरकत की और परेड की सलामी ली।

दीक्षांत परेड के दौरान प्रशिक्षुओं ने शानदार मार्चपास्ट कर अपने कठोर प्रशिक्षण और अनुशासन का प्रदर्शन किया। कदमताल की सटीकता और तालमेल ने समारोह में उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों को खासा प्रभावित किया। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षुओं को आधुनिक कारागार प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और मानवाधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया जिससे वे भविष्य में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

कार्यक्रम में प्रशिक्षु डिप्टी जेलर के 121वें सत्र के कुल 119 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं, जेल वार्डर के 178वें सत्र में कुल 115 प्रशिक्षु शामिल हुए। इनमें 74 उत्तर प्रदेश और 41 उत्तराखंड से थे। इसके अलावा अधिकारी संवर्ग में उत्तर प्रदेश के 4 प्रशिक्षु भी शामिल रहे। दोनों राज्यों के प्रशिक्षुओं की संयुक्त भागीदारी ने समारोह को विशेष बना दिया।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। अधिकारी संवर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार उत्तर प्रदेश के शशिकांत (डिप्टी जेलर) को प्रदान किया गया। जेल वार्डर संवर्ग में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की कविता जलाल को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु चुना गया। दोनों ने इस उपलब्धि को अपने करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

Lucknow Jail Training Highlights of the Parade (1)

कार्यक्रम के दौरान कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि कारागार विभाग की सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज सुधार का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे अनुशासन, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए बंदियों के सुधार और पुनर्वास में सक्रिय भूमिका निभाएं। दीक्षांत परेड के साथ ही प्रशिक्षु विभिन्न कारागारों में अपनी सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

संस्थान की भूमिका की सराहना करते हुए बताया गया कि यह प्रदेश में कारागार कर्मियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां आधुनिक तकनीकों और सुधारात्मक उपायों को लगातार प्रशिक्षण में शामिल किया जाता है। अगस्त 2025 तक संस्थान ने 1736 अधिकारियों और 13,391 जेल वार्डरों को प्रशिक्षित किया है, जबकि रिफ्रेशर कोर्स के तहत 1287 कर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है।

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