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नवरात्र : सप्तमी से नवमी तक होगा शक्ति आराधना का उत्सव…लोक कलाकारों को मिलेगा मंच

लखनऊ समेत प्रदेश के 25 शक्ति पीठों पर देवी गीत, भजन व शक्ति आराधना का संगम होगा, श्रद्धालुओं के लिए तैयार होंगे जरूरी इंतजाम

लखनऊ, 22 मार्च 2026:

चैत्र नवरात्र के मौके पर उत्तर प्रदेश में भक्ति और संस्कृति का खास संगम देखने को मिलेगा। प्रदेश के 25 प्रमुख शक्तिपीठ और देवी मंदिरों में सप्तमी, अष्टमी व नवमी तिथि (25, 26, 27 मार्च) को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। संस्कृति विभाग ने लोक परंपरा को जीवंत रखने और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल प्रदान करने के लिए तीन दिवसीय ‘शक्ति आराधना’ कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली है।

इन आयोजनों में देवी गायन, भजन, दुर्गा सप्तशती पाठ और शक्ति आराधना की प्रस्तुतियां होंगी। इसका उद्देश्य श्रद्धा और आस्था को नई ऊर्जा देना, लोक परंपराओं को सशक्त मंच उपलब्ध कराना और आम लोगों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। कलाकारों का चयन पहले ही कर लिया गया है और उन्हें मानदेय दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारियों को हर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। कतारबद्ध श्रद्धालुओं को तेज धूप में खड़े होने में परेशानी न हो, इसके लिए छाया और अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।

कार्यक्रम में आम जनता की सहभागिता को विशेष महत्व दिया जाएगा। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ से जुड़े कई कार्यक्रम भी मंदिरों और शक्तिपीठों में होंगे। लोक कलाकार, भजन मंडलियां और कीर्तन मंडलियां अपने प्रदर्शन के लिए अलग-अलग मंदिरों में मंच पर आएंगी।

पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नवरात्रि केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी लोक परंपरा, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ने का अवसर है। इस पहल से प्रदेश के हर कोने में श्रद्धालु और कलाकार एक साथ जुड़ेंगे और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी।

इन शक्ति पीठों पर होंगे कार्यक्रम

विंध्याचल के मां विंध्यवासिनी धाम मीरजापुर, उन्नाव के चंडिका देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, गोरखपुर का तरकुलहा देवी धाम, प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर, मऊ का शीतला माता स्थल, कौशांबी का कड़ावासिनी मंदिर, बलरामपुर का पाटेश्वरी देवीपाटन, चित्रकूट का शिवानी देवी मंदिर, सीतापुर का ललिता देवी मंदिर, हमीरपुर का गायत्री शक्तिपीठ, सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर, जालौन का बैरागढ़ माता मंदिर, मथुरा का कात्यायनी देवी मंदिर, कानपुर देहात का कुष्मांडा देवी मंदिर, जौनपुर का मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ का बेल्हा देवी मंदिर, फिरोजाबाद का चामुंडा माता मंदिर और लखनऊ के चंद्रिका देवी व संकटा देवी मंदिर में आयोजन किया जाएगा।

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